सिद्धू पलटे, 'राक्षसों का जिक्र था अकालियों का नहीं'
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की ओर से भाजपा आलाकमान को पूर्व भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहने के ठीक अगले दिन सिद्धू ने साफ किया है कि उनका बयान अकालियों के खिलाफ नहीं था बल्कि वे उन लोगों पर निशाना साध रहे थे जो पंजाब को लूट रहे हैं।
लुधियाना में रविवार को एक धार्मिक समारोह के दौरान सिद्धू ने अपने भाषण के बारे में कहा,‘‘मैंने इतना ही कहा था कि राक्षसों से निपटा जाना चाहिए, जो पंजाब को लूट रहे हैं। अगर कोई अकाली यह कहता है कि मैं उनके बारे में बात कर रहा हूं, तो मैं नहीं जानता कि वे इस कैटेगरी में आते हैं।’’
बोले, पंजाब को लूटने वालों पर दिया था बयान
उल्लेखनीय है कि लुधियाना में सिद्धू के भाषण को ‘अपमानजनक टिप्पणी’ करार देते हुए शिअद ने इस पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के समक्ष भी कड़ी आपत्ति जताई थी। पंजाब के शिक्षा मंत्री और शिअद के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने सोमवार को भाजपा के प्रदेश प्रमुख कमल शर्मा को फोन करके सिद्धू के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
चीमा ने पूर्व सांसद के बयान को बर्दाश्त से बाहर और गठबंधन धर्म के विपरीत करार दिया था। मंगलवार को सिद्धू ने कहा,‘‘पंजाब में परिवर्तन की बयार बह रही है। मैं हमेशा ही पार्टी का कर्मठ सिपाही रहा हूं और मेरी कोई महत्वाकांक्षा भी नहीं है।’’
सिद्धू ने शिअद के स्लोगन पर की थी टिप्पणी
लुधियाना में एक समारोह के संबोधित करते हुए सिद्धू ने अकालियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पंजाब की राजनीति को व्यापारिक उपक्रम बना दिया है।
पूर्व सांसद ने शिअद के स्लोगन ‘राज नहीं, सेवा’ पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था- ‘‘वे (अकाली) सिर्फ 10 फीसदी सेवा और 90 फीसदी मेवा हासिल कर रहे हैं।’’
सिद्धू के इस बयान पर शिअद ने कड़ा एतराज जताते हुए सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग भाजपा से कर डाली।