फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   National Seminar in Chandigarh on Stray Dogs problem

नेशनल सेमिनारः चंडीगढ़ में जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ, कुत्तों के आंतक के छुटकारे पर बनाएंगे योजना

Thu, 22 Aug 2019 11:08 AM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 22 Aug 2019 11:08 AM IST
विज्ञापन
National Seminar in Chandigarh on Stray Dogs problem
सेमिनार - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए नगर निगम 28 सितंबर को एक राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित करने जा रहा है। जिसमें देशभर के विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। साथ ही उनसे आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए सुझाव मांगे जाएंगे। बेहतर सुझावों पर अमल करके शहर को कुत्तों के आतंक से मुक्त कराया जाएगा।
विज्ञापन


अगले सप्ताह सेमिनार में आने वाले विशेषज्ञों के नाम तय कर दिए जाएंगे। नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि शहर में लगातार आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। नगर निगम के कई प्रयासों के बावजूद कहीं न कहीं कुत्ते बच्चों और शहरवासियों को अपना निशाना बना रहे हैं। इससे लोगों में डर की स्थिति पैदा हो गई है।
विज्ञापन


इस स्थिति से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर के ऐसे विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने विभिन्न स्थानों पर कुत्तों के आतंक से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। इस सेमिनार के लिए अगले सप्ताह तक विशेषज्ञों के नाम भी तय कर लिए जाएंगे। इस सेमीनार में आने वाले सुझावों को चंडीगढ़ में लागू किया जाएगा। चंडीगढ़ में यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो पूरे ट्राइसिटी में इसे अमल में लाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

गवर्नर के निर्देश पर लिया गया निर्णय

कमिश्नर ने बताया कि 12 जुलाई को गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने सभी अधिकारियों संग एक बैठक आयोजित की थी। जिसमें एडवाइजर मनोज परिदा, होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा, डीसी मंदीप सिंह बराड़ भी मौजूद थे। गवर्नर ने कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर चिंता जताई थी। साथ ही राष्ट्रीय स्तर का एक सेमिनार आयोजित करने को कहा था।

सेमिनार में आने वाले सुझावों पर विचार कर लागू करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा गवर्नर ने सेक्टर 38 स्थित डॉग स्टेरलाइजेशन सेंटर पर भी व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा था। डिस्पेंसरी में पर्याप्त एंटी रैबीज वैक्सीन की व्यवस्था करने के लिए भी गवर्नर ने कहा था। गवर्नर ने पार्षदों को डॉग मैनेजमेंट एजेंडा अपनी डायरी में मेंटेन करने का निर्देश दिया था। साथ ही लोगों को इस समस्या के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए थे।

बच्चों को भी मौत के घाट उतार चुके हैं कुत्ते
चंडीगढ़ में कुत्तों के आतंक से कई बार बच्चों की जान पर बन आई है। यहां गर्मियों में प्रतिदिन 15 से 20 डॉग बाइट के केस डिस्पेंसरी में पहुंचते हैं। वर्ष 2017 में पांच साल की बच्ची सादिया को मनीमाजरा में कुत्तों ने काट लिया था। कुत्तों ने बच्ची के हाथ व कान में काटा था। पीजीआई में भर्ती करने के बाद चंडीगढ़ में कहीं भी सीरम नहीं मिला। उसके बाद अंबाला से सीरम मंगाया गया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्ची की मौत हो गई।

इसी तरह जून 2018 में सेक्टर 18 में डिवाइडिंग रोड के साथ लगते पार्क में खेलते समय डेढ़ साल के मलोया निवासी आयुष को कुत्तों ने नोच नोच कर मार डाला था। उसके बाद शहर में एक अभियान चल गया। लोगों में आक्रोश इतना ज्यादा था कि इंसाफ के लिए सड़क पर उतर गए। मामला यहीं शांत नहीं हुआ। लोगों ने निगम पर भी कुत्तों को पकड़ने के लिए दबाव बनाया।

 

ट्राइसिटी कुत्तों से परेशान

कुत्तों का आतंक केवल चंडीगढ़ में ही नहीं है, बल्कि यह समस्या पूरे ट्राइसिटी की है। बीती सात जुलाई को पंचकूला में एक बच्ची के आंख और चेहरे को कुत्तों ने काट लिया था। गंभीर हाल में बच्ची को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। वहीं मोहाली के सेक्टर 70 में भी एक मासूम को कुत्तों ने बुरी तरह काट लिया था। मोहाली के जिला अस्पताल में हर हफ्ते 20 मामले सामने आते हैं।

कोर्ट को भी करना पड़ा था हस्तक्षेप
डॉग बाइट के मामले में प्रशासन व निगम को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट तक तलब कर चुका है। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के अधिकारियों ने भी ज्वाइंट मीटिंग बुलाई है, लेकिन इस समस्या का कोई हल अब तक निकल नहीं सका है।

समस्या बढ़ी तो पंचकूला और मोहाली को राहत
पंचकूला और मोहाली में एंटी रैबीज इंजेक्शन की समस्या बढ़ी तो चंडीगढ़ प्रशासन थोड़ी राहत दी है। 100 रुपए एंटी रैबीज इंजेक्शन व 50 रुपए सीरम प्रति डोज के हिसाब से चार्ज देने के बाद पंचकूला और चंडीगढ़ के लोगों को भी दवा मिल सकेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने बढ़ते दबाव के कारण बाहर के मरीजों को दवा देने से मना कर दिया था, लेकिन चार्ज लेने की सहमति मिलने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम ने बाहर के लोगों को दवा देने की मंजूरी दे दी है।

कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा था। गवर्नर ने इस पर चिंता जताई और राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित करने को कहा। उन्हीं के निर्देश पर यह सेमिनार आयोजित किया जा रहा है।
- केके यादव, नगर निगम कमिश्नर

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed