नेशनल मेडल विजेताओं ने खेला पैसे के लिए शातिर 'खेल'
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पदक के लिए मैदान में खेलते हुए नेशनल मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों ने पैसे के लिए शातिर 'खेल' खेल डाला। यह खेल सरकार से इनाम राशि झटकने के लिए किया गया। इसमें दिल्ली व उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी हरियाणवी बन गए।
उन्होंने इस फर्जीवाड़े के लिए नायाब तरीका भी चुना, हरियाणा में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां का निवास प्रमाणपत्र बनवा कर। और इसी प्रमाणपत्र के सहारे इनामी राशि के लिए आवेदन भी कर दिया। लेकिन जब खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने वेरिफिकेशन कराया तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। विभाग ने इस तरह के 11 मामले पकड़े हैं, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। फिलहाल इन्हें इनामी राशि की दौड़ से बाहर कर दिया गया है।
हरियाणा की खेल नीति के तहत विभाग ने खिलाड़ियों को इनामी राशि देने के लिए आवेदन मांगे थे। खिलाड़ियों ने अपना नेशनल गेम्स का प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और अन्य कागजात विभाग की मेल आईडी पर भेज दिए। 247 खिलाड़ियों के आवेदन मिले।
ऐसे 11 खिलाड़ी मिले
विभाग ने यह पड़ताल करवाई कि आवेदनकर्ता खिलाड़ियों ने नेशनल गेम्स में मेडल जीता है या नहीं और वह हरियाणा के रहने वाले हैं या नहीं। हालांकि ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं मिला जो नेशनल गेम्स में बिना मेडल जीते आवेदन कर रहा हो, लेकिन ऐसे खिलाड़ी जरूर मिले जो हरियाणा की जगह उत्तर प्रदेश व दिल्ली के रहने वाले थे।
ऐसे 11 खिलाड़ी मिले, जिनके रिश्तेदार सोनीपत, झज्जर, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र में रहते हैं। अब इन सभी का आवेदन निरस्त कर दिया गया। इनामी राशि के लिए 236 खिलाड़ियों की सूची तैयार की गई है।
तो पैसे के लिए किया गया खेल
प्रदेश की खेल नीति के तहत नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर खिलाड़ी को 5 लाख रुपये, रजत पदक जीतने पर 3 लाख रुपये व कांस्य पदक जीतने पर 2 लाख रुपये दिए जाते हैं। अगर दूसरे राज्य का रहने वाला खिलाड़ी हरियाणा से खेलता है तो उसे भी इस खेल नीति का फायदा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश व दिल्ली में बेहतर खेल नीति नहीं होने के कारण वहां के खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता है। प्रदेश सरकार से इनामी राशि लेने के लिए ही पड़ोसी राज्य के खिलाड़ी ने आवेदन कर दिया।
वर्जन.....
इंटरनेशनल खिलाड़ियों का वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं रहती है। लेकिन नेशनल खिलाड़ियों का वेरिफिकेशन कराया जाता है। वेरिफिकेशन में ऐसे खिलाड़ी मिले हैं जो हरियाणा की ओर से नहीं खेलते हैं और उन्होंने आवेदन कर दिया था।
इसमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली के खिलाड़ी शामिल थे। ऐसे खिलाड़ियों का आवेदन वेरिफिकेशन के बाद निरस्त कर दिया गया है। केवल हरियाणा की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों को सूची में शामिल किया गया।
छाजूराम, उपनिदेशक खेल।