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‘गलत औरत’ में झलका एक औरत के दिल का दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Mar 2014 11:08 AM IST
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पंजाब कला परिषद और पंजाब संगीत नाटक कला अकादमी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय थिएटर फेस्टिवल का समापन वीणा वर्मा के लिखे नाटक ‘गलत औरत’ से हुआ। नाटक का निर्देशन संगीता गुप्ता ने किया।
गलत औरत नाटक मनजीत नामक लड़की की कहानी है। वह पढ़ाई में बहुत अच्छी है। मनजीत का एक भाई है जिसे वह बहुत प्यार करती है।
मनजीत के पिता उसकी शादी एक एनआरआई से कर देते हैं, लेकिन शादी के 20 दिन बाद ही उसका पति जर्मनी चला जाता है। इसके बाद छह साल बीत जाते हैं, लेकिन वह वापस नहीं आता।
इस बीच मनजीत एक बच्चे को जन्म देती है, जिसको देखकर मनजीत के पिता उसे गैरकानूनी तरीके से जर्मनी भेजने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस दौरान कई लोग मनजीत का शोषण करते हैं।
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अंत में किसी तरह से वह पति तक पहुंच जाती है, लेकिन उसका पति उसे ‘गलत औरत’ कहकर अस्वीकार कर देता है।
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गलत औरत नाटक मनजीत नामक लड़की की कहानी है। वह पढ़ाई में बहुत अच्छी है। मनजीत का एक भाई है जिसे वह बहुत प्यार करती है।
मनजीत के पिता उसकी शादी एक एनआरआई से कर देते हैं, लेकिन शादी के 20 दिन बाद ही उसका पति जर्मनी चला जाता है। इसके बाद छह साल बीत जाते हैं, लेकिन वह वापस नहीं आता।
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इस बीच मनजीत एक बच्चे को जन्म देती है, जिसको देखकर मनजीत के पिता उसे गैरकानूनी तरीके से जर्मनी भेजने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस दौरान कई लोग मनजीत का शोषण करते हैं।
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अंत में किसी तरह से वह पति तक पहुंच जाती है, लेकिन उसका पति उसे ‘गलत औरत’ कहकर अस्वीकार कर देता है।