फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Name cutting of Six students' for stop joining a new teacher

नई टीचर की ज्वाइनिंग रोकने के लिए छह छात्रों का काटा नाम, मुख्य अध्यापिका पर लगा आरोप

Thu, 26 Jul 2018 09:45 AM IST
दविंदर पाल सिंह , अमर उजाला, मोगा (पंजाब)
दविंदर पाल सिंह , अमर उजाला, मोगा (पंजाब) Updated Thu, 26 Jul 2018 09:45 AM IST
विज्ञापन
Name cutting of Six students' for stop joining a new teacher
आरोपों की जांच करते जिला शिक्षा अधिकारी
मोगा के सरकारी हाई स्कूल घल्लकलां में आई नई मैथ टीचर की हाजिरी को लेकर अध्यापिका और कार्यकारी मुख्य अध्यापिका आमने-सामने हो गई। कार्यकारी मुख्य अध्यापिका ने नई अध्यापिका की स्कूल में हाजिरी (ज्वाइनिंग) रोकने के लिए छह विद्यार्थियों के नाम स्कूल से काट दिए गए। इसके चलते स्कूल कई घंटे तक कुरुक्षेत्र का मैदान बना रहा। कार्यकारी मुख्य अध्यापिका ने दफ्तर में तोड़फोड़ करने और डीईओ पर बदली कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है।  
विज्ञापन


जिला शिक्षा अफसर (सीनियर सेकेंडरी) गुरदर्शन सिंह बराड़ ने कहा कि गणित विषय की अध्यापिका शिवानी का फिरोजपुर से सरकारी हाई स्कूल, घल्लकलां में तबादला हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में विद्यार्थियों की 90 से ज्यादा संख्या हो उस स्कूल में विभागीय नियमानुसार इस विषय के तीन अध्यापकों की तैनाती हो सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या कम हो जाये तो नियमानुसार तीनों अध्यापकों में से सीनियर अध्यापक का तबादला संभव है।
विज्ञापन


इस स्कूल में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या 90 से अधिक थी और पहले से यहां दो अध्यापक तैनात हैं। स्कूल की कार्यकारी मुख्य अध्यापिका राजिंदर कौर ने विद्यार्थियों की संख्या रिकॉर्ड में कम करने के लिए और नई अध्यापिका की जुवाइनिंग रोकने के लिए कई विद्यार्थियों के कक्षा में से नाम काट दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 बराड़ ने बताया कि उन्होंने मैथ लेक्चरर राकेश अरोड़ा, साइंस मास्टर बखशिंदर सिंह खोसा और रमसा के कोऑर्डिनेटर दिलबाग सिंह के साथ स्कूल का दौरा कर मामले की पड़ताल की। इसके बाद जिन विद्यार्थियों का नाम स्कूल से काटा गया था, उनको फिर दाखिल करने के अलावा नई अध्यापिका शिवानी की स्कूल में जुवाइनिंग) करा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकारी मुख्य अध्यापिका राजिंदर कौर मामले की पड़ताल में शामिल नहीं हुईं और छुट्टी ले ली।  

 

Name cutting of Six students' for stop joining a new teacher
सांकेतिक तस्वीर
भाई भर्ती है, इसलिए ली छुट्टी
दूसरी तरफ कार्यकारी स्कूल प्रमुख राजिंदर कौर ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि जिला शिक्षा अफसर को 24 जुलाई को विद्यार्थियों की संख्या भेजी थी। उनका भाई पीजीआई में दाखिल है, इसलिए उन्होंने छुट्टी ली है। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अफसर ने उनका तबादला करने की धमकी दी और ग्रामीणों ने दफ्तर की कथित तौर पर तोड़फोड़ की। गांव में पति की ओर से दखलंदाजी और गुटबाजी पैदा करने के लगाए जा रहे आरोप भी बेबुनियाद हैं। 

कार्रवाई पर लोगों ने जताया रोष
इस मौके गांव की पंचायत और अन्य गणमान्य लोग भी स्कूल पहुंचे और कार्यकारी मुख्य अध्यापिका की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। गांव वासियों का कहना था कि लंबी मुशक्कत बाद पंजाब सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में अध्यापक भेजे जाने लगे हैं लेकिन हैरानी की बात है कि स्कूल प्रमुख नए अध्यापक को नौकरी की हाजिरी डालने से ही रोकने लगे हैं जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। गांव के पूर्व सरपंच जगराज सिंह और तीर्थ राम का कहना था कि एक पूर्व स्कूल प्रमुख ने कथित तौर पर गांव में गुटबाजी पैदा की जा रही है।

अब इस मामले पर भी जान बूझकर नए अध्यापकों को जुवाइनिंग करने समय पर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला स्कूल प्रमुख का पति और रिटायर्ड स्कूल प्रमुख भी इस स्कूल में आकर कथित तौर पर सीधे तौर पर दखलंदाजी करते हैं। जिससे स्कूल का माहौल खराब होता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कार्यकारी स्कूल प्रमुख की बदली करके स्कूल का चार्ज अन्य अध्यापक को सौंपा जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed