हरियाणा सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, इन मामलों में नायब तहसीलदार समेत छह कर्मचारी निलंबित
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सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ हरियाणा सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एक नायब तहसीलदार और बीडीओ समेत छह अफसरों, कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यहां सीएम विंडो, सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता व मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने यह आदेश दिए।
राकेश गुप्ता ने कहा मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि भ्रष्टाचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान पानीपत जिले के रेर कलां गांव के सरपंच को गिरफ्तार करने के लिए पानीपत के पुलिस अधीक्षक को विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया गया। सरपंच गांव के पंचायती फंड से 1.87 करोड़ का गबन कर फरार है।
पंचायती फंड में हेराफेरी करने का ऐसा ही एक मामला मेवात में भी सामने आया है। पंचायती फंड में से फर्जी कागजों के आधार पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई। मुख्यमंत्री ने मामला संज्ञान में आते ही बीडीओ अमित कुमार और तत्कालीन पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। साथ ही दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
यमुनानगर के एक भ्रष्टाचार के मामले में सही तरीके से उत्तर नहीं देने के चलते पंचायती राज विभाग के नोडल अधिकारी ऋषि डांगी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। अगली किसी बैठक में वे नोडल अधिकारी के नाते शामिल नहीं होंगे। उनके स्थान पर विभाग के एचसीएस स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ के नारनौल में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर एक बिल्डर का अवैध कब्जा करने में सहयोग करने पर तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बीएन भारती (वर्तमान में रिटायर्ड) के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। साथ ही तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर भीम सिंह को भी तुरंत प्रभाव से निलंबित करने को कहा गया।
करनाल जिले में सहकारिता विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर अमित कुमार को भी निलंबित किया गया है। उक्त इंस्पेक्टर अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर फर्जी सोसायटी बनाए हुए था। सोसायटी के साथ सरकारी चिन्हों का इस्तेमाल करते हुए आईडी कार्ड बनाकर लोगों को झांसा दे रहे थे। इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं।
फर्जी कागजों पर बने तहसीलदार, निलंबन के साथ दो एफआईआर होंगी दर्ज
फर्जी कागजों के आधार पर नायब तहसीलदार बने शिवराज सिंह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ में दो प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश भी दिए गए हैं। एक प्राथमिकी पटवारी न होने के बावजूद नायब तहसीलदार बनने का फर्जीवाड़ा करने और दूसरी प्राथमिकी सरकारी जमीन की फर्जी एनओसी जारी करने के मामले में दर्ज कराई जाएगी।
इन मामलों में भी हुई कार्रवाई
- जिला कैथल में अधिग्रहित की गई जमीन का सरकार के नाम इंतकाल न चढ़ाने के मामले में तत्कालीन पटवारी जय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उसके खिलाफ संबंधित विभाग प्राथमिकी दर्ज कराएगा।
- स्थानीय निकाय विभाग में शिकायत के बाद जांच कराई गई तो कनीना के तत्कालीन नगर पालिका सचिव रोहताश के विरुद्ध प्राथमिक तौर पर दोष साबित हुए हैं। उस पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
- चरखी दादरी जिले के बौंद खंड के बीडीओ सुभाष शर्मा को समय पर जवाब नहीं देने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- गुरुग्राम में 40 हजार वर्ग गज सरकारी भूमि पर मिलीभगत कर बिल्डर का कब्जा कराने की जांच के चलते सहायक रजिस्ट्रार (सहकारी सोसायटी) सतीश रोहिल्ला और ऋषि कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही रूल 7 के तहत कठोर कार्रवाई का आदेश दिया।
- सिरसा जिले की डबवाली तहसील के अलीकां की पैक्स में अधिकारियों द्वारा 1.10 करोड़ का गबन। मामले में फरार चल रहे अधिकारियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को विशेष टीम बनाकर जांच करने का आदेश। आगामी जांच के लिए मामला स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को भी भेजने का निर्देश।
- रोहतक के मामले में पानी की होदी को स्वीमिंग पूल दर्शाकर फर्जी रिपोर्ट देने पर डीटीपी मनदीप सिहाग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के नगर योजनाकार विभाग के निदेशक को निर्देश।
- गुरुग्राम के सेक्टर- 18 के मामले में गलत आकलन कर प्रॉपर्टी डीलर को फायदा पहुंचाने के मामले में तत्कालीन एस्टेट ऑफिसर भारत भूषण गोगिया को रूल 7 के तहत चार्जशीट करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश। डीलर से राशि की ब्याज सहित रिकवरी करने का भी आदेश।
- खाद्य आपूर्ति विभाग के मामले में अतिरिक्त उपायुक्त पलवल की जांच में दोषी पाई गई डीएफएससी सीमा शर्मा। पलवल के पुलिस अधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश।