आरबीआई का फरमान, नहीं चलेंगे ऐसे नोट
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आपने नोट पर कुछ लिखा तो आपका नोट करंसी डिपॉजिट मशीन नहीं लेगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के निर्देशों के बावजूद अभी भी सरकारी विभागों में नोटों पर लिखने का क्रम बदस्तूर जारी है।
नोट छोटे हों या बड़े, मैनुअल काम होता है, तो उनके ऊपर स्याही का निशान जरूर पड़ जाता है। ऐसे नोटों को कई बैंकों में लगाई गई करंसी डिपॉजिट मशीन स्वीकार नहीं कर रही।
ऐसे नोट मशीन में डालते ही वापस आ जाते हैं। नतीजा यह है कि आधी रकम करंसी डिपॉजिट मशीन में जमा होती है और बाकी राशि मैनुअली बैंक में जमा करवानी पड़ती है।
आरबीआई ने जारी किया नोटिफिकेशन
आरबीआई ने सभी सरकारी बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, आरआरबी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर्स को क्लीन नोट पालिसी के तहत 14 अगस्त 2014 को नोटिफिकेशन जारी किया था।
इस नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया कि हिदायत के बावजूद अभी भी नोटों में स्याही या पिन के निशान मिल रहे हैं। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को ऐसे नोट दोबारा जारी न करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह ऐसे नोटों के संबंध में लोगों को जानकारी दें।
कई बैंकों की हैं डिपाजिट मशीन
चंडीगढ़ में कुछ प्राइवेट और कुछ सरकारी बैंकों ने करंसी डिपॉजिट मशीन लगाई हैं। यह मशीन इस तरह से प्रोग्राम की गई है कि नोट की स्कैनिंग करते वक्त यदि उसमें कोई स्याही आदि लगी होगी, तो वह उसे नकली मानते हुए स्वीकार नहीं करेगी।
बैंक इस पर दें ध्यान
1-बैंक किसी भी करंसी को स्टेपल न करें। नोट फ्रेश होने पर भी उनको स्टेपल न करें। इससे नोट डैमेज हो जाते हैं और जल्दी खराब होने लगते हैं।
2-नोट के किसी भी स्थान पर न तो लिखें न ही मुहर लगाएं। इससे भी नोट डैमेज होता है।
3-ऐसे नोट यदि बैंक के पास आते हैं, तो इन नोटों को आरबीआई चेस्ट में जमा करवाएं।