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Chandigarh News: मांगों के लिए नगर पालिका कर्मियों ने शुरू की भूख हड़ताल, आज से झाड़ू प्रदर्शन
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चंडीगढ़। सरकार की ओर से मानी गई मांगों को मनवाने के लिए नगर पालिका संघ के कर्मचारियों ने वीरवार से प्रदेशभर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव मांगेराम तिगरा ने कहा कि भूख हड़ताल सफल रही और अब शुक्रवार को प्रदेशभर में झाड़ू प्रदर्शन किए जाएंगे।
शास्त्री ने कहा कि सात अगस्त 2024 को हुए समझौते में सरकार ने पालिका कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताई थी। इनमें रोल पर लगे कच्चे सफाई कर्मचारी एवं सीवरमैनों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पक्का करने, मुख्यमंत्री की ओर से जींद में ग्रामीण सफाई कर्मचारी को 26,000 रुपये वेतन व शहरी सफाई कर्मचारियों का वेतन 27,000 रुपये करने की मांग को लेकर व अन्य मांगों को लागू करवाने के लिए सहमति बनी थी। लेकिन आज तक इन मांगों को सरकार ने लागू नहीं किया।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जींद में संपन्न हुए भगवान वाल्मीकि जयंती समारोह में मुख्यमंत्री की ओर से सफाई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी स्पष्ट नहीं है। शास्त्री ने कहा, सरकार सफाई कर्मचारी परिवारों को ठेका देने का झूठा दिलासा देना बंद कर सफाई व सीवर के कार्य में ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करे और सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का एकमुश्त कानून बनाए ताकि समाज में सबसे गरीब शोषित पीड़ित वंचित समाज के लोगों का जीवन बेहतर बन सके।
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शास्त्री ने कहा कि सात अगस्त 2024 को हुए समझौते में सरकार ने पालिका कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताई थी। इनमें रोल पर लगे कच्चे सफाई कर्मचारी एवं सीवरमैनों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पक्का करने, मुख्यमंत्री की ओर से जींद में ग्रामीण सफाई कर्मचारी को 26,000 रुपये वेतन व शहरी सफाई कर्मचारियों का वेतन 27,000 रुपये करने की मांग को लेकर व अन्य मांगों को लागू करवाने के लिए सहमति बनी थी। लेकिन आज तक इन मांगों को सरकार ने लागू नहीं किया।
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संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जींद में संपन्न हुए भगवान वाल्मीकि जयंती समारोह में मुख्यमंत्री की ओर से सफाई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी स्पष्ट नहीं है। शास्त्री ने कहा, सरकार सफाई कर्मचारी परिवारों को ठेका देने का झूठा दिलासा देना बंद कर सफाई व सीवर के कार्य में ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करे और सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का एकमुश्त कानून बनाए ताकि समाज में सबसे गरीब शोषित पीड़ित वंचित समाज के लोगों का जीवन बेहतर बन सके।
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