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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को अटैच करेगा नगर निगम, फाइनल नोटिस चस्पा

Thu, 28 Sep 2017 01:13 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 28 Sep 2017 01:13 AM IST
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Municipal Corporation will attach Chandigarh Railway Station
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन - फोटो : File Photo
नगर निगम चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को अटैच करने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम के टैक्स ब्रांच ने रेलवे डिवीजन को फाइनल नोटिस भेजकर इसकी चेतावनी दे दी है। यहां तक की नगर निगम की टैक्स ब्रांच ने नोटिस चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर चस्पा दिया है। रेलवे स्टेशन से नगर निगम ने एक करोड़ 21 लाख रुपये की राशि सर्विस चार्ज के रूप में लेना है। लेकिन रेलवे विभाग ने अभी तक यह राशि जमा नहीं करवाई है।  
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2004 से सर्विस चार्ज बकाया
नगर निगम के अनुसार साल 2004 से लेकर अब तक चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने एक बार भी सर्विस चार्ज जमा नहीं करवाया है। मालूम हो कि कामर्शियल इमारतों से प्रापर्टी टैक्स और सरकारी इमारताें पर सर्विस चार्ज लगाया जाता है। साल 2004 से ही नगर निगम शहर में प्रापर्टी टैक्स और सर्विस चार्ज लागू किया है।
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नगर निगम ने रेलवे डिवीजन को 6 अक्तूबर तक टैक्स जमा करवाने का अंतिम मौका दिया है। इस तारीख तक बकाया जमा न होने पर कुर्क की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम को हर साल प्रापर्टी टैक्स एवं सर्विस चार्ज से करीब 20 करोड़ रुपये की कमाई होती है। टैक्स न जमा करवाने वाले डिफाल्टरों में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सबसे ऊपर है।
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पीजीआई को भी भेजा 93 लाख का नोटिस

Municipal Corporation will attach Chandigarh Railway Station
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल - फोटो : PTI
पीजीआई को भी भेजा 93 लाख का नोटिस
डिफाल्टरो की सूची में पीजीआई भी शामिल है। पीजीआई पर निगम का 93 लाख रुपये बकाया है। नगर निगम की ओर से पीजीआई को भी 93 लाख 16 हजार रुपये का नोटिस भेजा गया है। पीजीआई को 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। पीजीआई ने भी अभी तक एक बार भी सर्विस चार्ज जमा नहीं करवाया है। इस समय नगर निगम डिफाल्टरों को धड़ाधड़ नोटिस जारी कर रहा है जबकि आईटी पार्क में शामिल होटल और माल को भी प्रापर्टी टैक्स के दायरे में शामिल कर लिया गया है जबकि पहले आईटी पार्क को छूट मिली हुई थी।

डिफाल्टरों को खुद ही अपनी बकाया राशि जमा करवानी चाहिए। इस बार कई डिफाल्टरों से रिकवरी की भी गई है। रेलवे और पीजीआई सरकारी इमारतें है, ऐसे में उन्हें तो पहले ही बकाया जमा करवा देना चाहिए। अब डिफाल्टरों से कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
चरणजीव सिंह, चेयरमैन, हाउस टैक्स कमेटी 
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