कपड़ा व्यापारी पर कार्रवाई के बाद रडार पर कई जांच एजेंसियां
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ईडी द्वारा कपड़ा व्यापारी के घर से 2.19 करोड़ रुपये बरामद किए जाने के बाद से शहर में अन्य जांच एजेंसियों के कान भी खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि इस छापे के बाद से अन्य एजेंसियों ने भी धन कुबेरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
शहर में 12 से अधिक व्यापारी एजेंसियों के रडार पर हैं। सूत्रों की माने तो पकड़े गए कपड़ा व्यापारी इंदरपाल महाजन पर पिछले काफी समय से नजर रखी जा रही थी। यहां तक की ईडी ने उसके बैंक में आने जाने तक पर नजर थी।
जब ईडी को घर में करोड़ों रुपये रखने का पर्याप्त सबूत मिले, तभी अचानक घर पर रेड कर व्यापारी को भागने या धन को ठिकाने का मौका ही नहीं दिया गया।
जल्द पड़ सकते हैं उनके यहां भी आयकर छापे
सूत्रों की मानें तो महाजन ने जिस बैंक से पैसे बदलवाए थे, उसके अधिकारियों की भी जांच चल रही है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारियां होंगी। हालांकि ईडी अभी बैंक का नाम और उनके अधिकारियों के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
ईडी अधिकारियों की मानें तो शहर में उनकी करीब एक दर्जन अन्य कारोबारियों केलेनदेन पर बड़ी करीबी नजर रखी हुई है। जल्द ही उनके ठिकानों पर भी ईडी रेड कर सकती है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सेक्टर 15 स्थित एचडीएफसी बैंक के मैनेजर समेत चार कर्मचारियों को निकाला गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने सगे संबंधियों के नोट बदलने में आरबीआई की गाइडलाइनों की अनदेखी की थी।
इस मामले में भी जिस तरह एक ही सीरीज के नये व पुराने नोटों की लाखों की खेप मिली है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि बिना किसी बैंक कर्मचारी की मिलीभगत के कपड़ा व्यापारी इतने पैसे नहीं ले सकता था।