अंसारी की पंजाब वाली कहानी : 26 माह से रोपड़ जेल में बंद है बाहुबली, 54 बार ली तारीख, एक बार भी नहीं हुआ पेश
- बीमारियों के इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा में सिर्फ अस्पताल जाता था मुख्तार अंसारी
- रंगदारी मांगने के आरोप में 24 जनवरी, 2019 से पंजाब की रोपड़ जेल में है बंद
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यह हैरान करने वाली बात है कि रोपड़ जेल में बंद उत्तर प्रदेश के मऊ से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी 26 महीनों में एक बार भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। जेल से ही वह खराब सेहत का हवाला देकर 54 बार तारीख लेता रहा। हालांकि रोपड़ जेल प्रशासन के अनुसार गंभीर बीमारियों से पीड़ित मुख्तार को कड़ी सुरक्षा के साथ कई बार इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मोहाली में एक बिल्डर से रंगदारी मांगने के आरोप में मुख्तार अंसारी 24 जनवरी, 2019 से रोपड़ जेल में बंद है। मुख्तार को काफी समय से पंजाब से उत्तर प्रदेश की जेल में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है। इन दो साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम करीब आठ बार अंसारी को लेने पंजाब आ चुकी है।
हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर जेल प्रशासन उसे सौंपने से इनकार करता रहा है। रोपड़ जेल प्रशासन के अनुसार अंसारी अवसाद, शुगर व रीढ़ की हड्डी की बीमारी से पीड़ित है।
चिकित्सकों ने उसे किसी अन्य जगह शिफ्ट करने से मना किया है। मुख्तार भी अपने वकीलों के जरिए यूपी न जाने के लिए 54 बार तारीख ले चुका है। जेल में बंद मुख्तार इससे पहले भी पंजाब सरकार से यूपी के अपराधी विकास दुबे मुठभेड़ के बाद अपनी जान के खतरे की आशंका जता चुका है। उसने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर आशंका जताई थी कि जैसे विकास दुबे की जीप पलट गई थी, उसके साथ भी यह हो सकता है।
आज तक पेश नहीं हुआ चालान
गिरफ्तारी के बाद एक ही दिन में मोहाली के मटौर थाना पुलिस ने पूछताछ खत्म भी कर ली और अगले ही दिन उसे कोर्ट में पेश कर दिया था, लेकिन आज तक अंसारी पर लगे आरोपों का चालान पेश नहीं किया गया। मटौर थाना पुलिस अभी तक इस मामले में जांच करने की बात कह रही है। जिस कारण से आज तक रंगदारी का मामला फाइलों से बाहर नहीं निकला है।
प्रोडक्शन वारंट पर आया था पंजाब
मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश से पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। 22 जनवरी, 2019 को पुलिस ने अंसारी को मोहाली न्यायालय में पेश किया था। 24 जनवरी को न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया गया था, इसके बाद से अंसारी लगातार जेल में ही है। इस मामले की शिकायत 8 जनवरी, 2019 को मोहाली के एक बड़े बिल्डर ने 10 करोड़ की रंगदारी मांगने पर दर्ज कराई थी। 12 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट हासिल करने के लिए पुलिस कोर्ट पहुंची थी। 21 जनवरी को मोहाली पुलिस मुख्तार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर यूपी से मोहाली लेकर आई थी।
मुख्तार अंसारी प्रकरण से हुई पंजाब की छवि धूमिल : शिअद
मुख्तार अंसारी प्रकरण से पंजाब की छवि धूमिल हुई है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कांग्रेस सरकार द्वारा मुख्तार को दो साल से संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाते हुए यह बात कही। शिअद ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अब यह धारणा हो गई है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार किसी अपराधी को सुरक्षा देने के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकती है। यह फैसला पंजाब सरकार पर एक धब्बा है, जिसने अंसारी को दो साल से उत्तर प्रदेश में जाने से रोकने के लिए अपनी शक्तियों को दुरुपयोग किया है।
कैप्टन-रंधावा की अंसारी से संबंध की हो सीबीआई जांच: आप
आम आदमी पार्टी ने कहा कि अदालत का फैसला सराहनीय है। वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के एक मामूली मामले में यूपी के कुख्यात गैंगस्टर को जेल में रखा गया। यह काफी संदेह के घेरे में है कि जिस अपराधी पर यूपी के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कई मामले दर्ज हैं, उसे पंजाब में इतने दिनों तक क्यों रखा गया। इस बात की सीबीआई जांच होनी चाहिए कि पंजाब सरकार इतने बड़े गैंगस्टर को सूबे में क्यों रखना चाहती थी।
उन्होंने कैप्टन सरकार की मंशा पर संदेह जताते हुए कहा कि 2022 का चुनाव नजदीक आ रहा है, इसलिए कांग्रेस सरकार चुनाव में माहौल खराब करने के लिए अंसारी को पंजाब की जेल में रखे है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का अंसारी के साथ संबंध भी संदेह के घेरे में हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस सरकार पंजाब में गुंडागर्दी करने और हिंसा फैलाने के लिए मुख्तार अंसारी को संरक्षण दे रही थी।