{"_id":"eefb1b6929c4810650a34c48a7f676a2","slug":"msme-special-panchkula-industrilaist-dinesh-sharma-profile-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता ने प्रेरित किया और जॉब छोड़ टूल्स का उद्योग लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता ने प्रेरित किया और जॉब छोड़ टूल्स का उद्योग लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 29 Dec 2015 02:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिनेश ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉब की। पिता ने प्रेरित किया और जॉब छोड़कर कटिंग टूल्स का उद्योग लगा दिया। डायमंड कटिंग सोल्यूशन के साथ ही डिफेंस, स्पेस और एंडोस्कोपी के लिए ऑप्टिक्स का सोल्यूशन उपलब्ध करवाने में भी से पंचकूला काफी एडवांस है।
विज्ञापन
पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 की एक्यूरेट ऑप्टिक्स देशभर को ऐसे ही आईआर ऑप्टिक्स, यूवी ऑप्टिक्स और विजिबिल ऑप्टिक्स सोल्यूशन उपलब्ध करवा रही है। एक्यूरेट ऑप्टिक्स के प्रमुख दिनेश शर्मा ने कहा कि ऑप्टिक्स टूल्स मेडिकल, डिफेंस और उद्योग के साथ इंजीनियरिंग के लिए महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कालेज की पढ़ाई छोड़ने के बाद पंजाब यूनाइटेड पेस्टिसाइड में एनालाइजर थे। उन्होंने आठ माह जॉब करने के बाद जॉब छोड़ दी और इस इंडस्ट्री को लगाया था।
विज्ञापन
वैज्ञानिक पिता ने दिया कांसेप्ट
दिनेश शर्मा ने बताया कि यह सारा कांसेप्ट उनके वैज्ञानिक पिता ने दिया है। उन्होंने आर्डिनेंस फैक्टरी देहरादून के बाद सीएसआईओ में ज्वाइन किया। उनके साथ कुछ विदेशी एक्सपर्ट भी आए थे। यह सभी ऑप्टिक्स के एक्सपर्ट थे। पिता स्वर्गीय ब्रम्हदत्त शर्मा से ही उनको यह काम शुरू करने के लिए प्रेरणा मिली। दिनेश शर्मा ने बताया कि पहले वर्ष 1984 में चंडीगढ़ में किराए के परिसर में इंडस्ट्री लगाई और उसके बाद वर्ष 1990 में पंचकूला के फेज-1 में इंडस्ट्री लगाई।
रेंज फाइंडर प्रोजेक्ट पर किया काम
दिनेश शर्मा ने बताया कि उनकी इंडस्ट्री ने नाइट विजन टेलीस्कोप (रेंज फाइंडर प्रोजेक्ट) के लिए ऑप्टिक्स सोल्यूशन प्रावाइड किया। दिनेश शर्मा ने कहा कि ऑप्टिक्स हर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। चाहे वह आपरेशन थिएटर हो या फिर डिफेंस की फील्ड और स्पेस, बिना आप्टिक्स के कुछ नहीं संभव होता है।
चीन को भी कर दिया आउट
दिनेश शर्मा ने बताया कि डायमंड कटिंग में ज्यादा इक्यूपमेंट चीन के प्रयोग होते थे। कुछ समय पहले तक गुजरात, सूरत और अहमदाबाद में डायमंड कटिंग के लिए यह सोल्यूशन देने में चीन अग्रणी था। लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है। चीन की बजाय अब सूरत और गुजरात के साथ अहमदाबाद में भी पंचकूला से ही आईआर ऑप्टिक्स सोल्यूशन जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह एकदम एक्यूरेट कटिंग करते हैं। ऐसा विदेशी मशीनों से नहीं किया बल्कि इसके लिए इंडियन मशीनों को यूज किया।
स्टूडेंट्स को करते हैं इसमें ट्रेंड
दिनेश शर्मा ने बताया कि उनकी इंडस्ट्री में एमटेक करने वाले स्टूडेंट्स ट्रेनिंग करते हैं। ऑप्टिक्स की पूरी जानकारी दी जाती है। कुछ समय पहले चंडीगढ़ के स्कूल के स्टूडेंट्स को भी इंडस्ट्री में ट्रेंड किया गया।
बेटा भी आ गया अब साथ में
दिनेश शर्मा ने कहा कि अब उनका बेटा तरुण वत्स भी उनके साथ आ गया है। बेटा मार्केटिंग और एकाउंट्स को संभालता है। दिनेश शर्मा ने बताया कि ऑप्टिक्स सबसे महत्वपूर्ण फील्ड है और इसके ट्रेनिंग देने वाले संस्थान कम हैं। इसके लिए और प्रयास किया जाना चाहिए।
प्रोफाइल
दिनेश शर्मा
स्कूलिंग-डीएवी स्कूल सेक्टर-8
ग्रेजुएशन-गवर्नमेंट कालेज फॉर मैन सेक्टर-11, चंडीगढ़
तरुण वत्स
स्कूलिंग-मानव मंगल स्कूल पंचकूला सेक्टर-11
कालेज-सतलुज पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 पंचकूला
पोस्ट ग्रेजुएशन-खालसा कालेज
युवाओं के लिए टिप्स
1-इंडस्ट्री लगाने के पहले ही कर लें सर्वे।
2-इंडस्ट्री लगाने के पहले बनाएं बजट।
3-प्रोडक्ट की क्वालिटी को कीजिए मेंटेन।
4-यूनीक प्रोडक्ट जमाएगा मार्केट में धाक।
5-जो इंडस्ट्री लगाएं, उसकी ट्रेनिंग जरूर लें।