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PM मोदी और भाजपा के गले की फांस न बन सकती है इस सांसद की सियासत
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 29 May 2017 04:38 PM IST
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भाजपा का अपना ही एक सांसद, पार्टी से अलग ऐसी सियासत कर रहा है कि वह प्रधानमंत्री मोदी और दल के लिए गले की फांस बन सकता है। परशुराम जयंती महोत्सव के नाम पर हुए आयोजन में ब्राह्मणों के साथ हर वर्ग को साधने पर नजर सांसद राजकुमार सैनी और उनकी टीम की रही। राजनैतिक समीकरणों का देखते हुए सभी वर्गों के नेताओं को बोलने का मौका दिया गया तो ब्राह्मणों की अहमियत की वजह से सैनी को शंखनाद के साथ आशीर्वाद दिला गया।
सैनी ने मोदी की तारीफ की, भाजपा का गुलाम नहीं होने की बात कही तो साथ ही प्रदेश के सीएम का एक बार भी नाम नहीं लिया। दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि राजकुमार सैनी की राजनैतिक महत्वाकांक्षा कहीं आने वाले दिनों में भाजपा के गले की फांस भी बन सकती है। रैली में आयोजकों का फोकस भगवान परशुराम की शिक्षाओं और आदर्शों का बखान करने की बजाए सांसद राजकुमार सैनी को 2019 में सीएम बनाने पर रहा।
सैनी ने भी सधे अंदाज में बयानों के तीर चलाए। उन्होंने हुड्डा और चौटाला पर प्रहार किए लेकिन जाट बिरादरी को जाति विशेष शब्द से ज्यादा पुकारा। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत आरक्षण की उनकी मांग में सभी वर्ग शामिल हैं। अब सभी की नजर जींद में नवंबर में होने वाले कार्यक्रम पर है।
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सैनी ने मोदी की तारीफ की, भाजपा का गुलाम नहीं होने की बात कही तो साथ ही प्रदेश के सीएम का एक बार भी नाम नहीं लिया। दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि राजकुमार सैनी की राजनैतिक महत्वाकांक्षा कहीं आने वाले दिनों में भाजपा के गले की फांस भी बन सकती है। रैली में आयोजकों का फोकस भगवान परशुराम की शिक्षाओं और आदर्शों का बखान करने की बजाए सांसद राजकुमार सैनी को 2019 में सीएम बनाने पर रहा।
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सैनी ने भी सधे अंदाज में बयानों के तीर चलाए। उन्होंने हुड्डा और चौटाला पर प्रहार किए लेकिन जाट बिरादरी को जाति विशेष शब्द से ज्यादा पुकारा। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत आरक्षण की उनकी मांग में सभी वर्ग शामिल हैं। अब सभी की नजर जींद में नवंबर में होने वाले कार्यक्रम पर है।
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बदले-बदले नजर आए सांसद सैनी
Rajkumar Saini Railly
- फोटो : Amar ujala
परशुराम जयंती पर मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे भाजपा सांसद पहले के अंदाज से बदले-बदले नजर आए। पहले वह जाट समाज पर खुलकर बयान देते थे लेकिन रविवार की रैली में खुलकर जाट बिरादरी का नाम नहीं लिया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र करते समय भी उनकी जाति का नाम नहीं लिया। इतना ही नहीं, पत्रकारों के सवालों के जवाब में भी कहा कि, मैं किसी जाति का हक मारने के विरोध में नहीं हूं। उन्होंने कहा कि दादागिरी दिखाते हुए अगर कोई दूसरों के अधिकार छीनेगा, उस अन्याय के खिलाफ आवाज जरूर उठाएंगे।
11 प्रतिशत जाति की जनसंख्या साबित कर दें, मैं राजनीति छोड़ दूंगा
सांसद सैनी ने कहा कि जिस जाति की जितनी जनसंख्या, उसे उतना आरक्षण दिया जाए। इससे बाद कोई विवाद नहीं रहेगा। कई लोग अपनी जाति की जनसंख्या के बारे में बड़े-बड़े दावे करते हैं। लेकिन वे दावे से कह सकते हैं कि किसी भी जाति की जनसंख्या 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं है। अगर कोई 11 प्रतिशत भी साबित कर दे तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
भीड़ संभाल नहीं पाए आयोजक, अनुशासनहीनता आई नजर
जनसभा में आयोजकों ने 15 हजार से ज्यादा कुर्सी लगाईं थीं। राजनैतिक विशेषज्ञ अपने हिसाब से भीड़ का आंकलन कर रहे हैं। हालांकि जयंती समारोह में आई अच्छी भीड़ भी काफी अहम मानी जा रही है। रोहतक की बजाए दूसरे जिलों से भी अच्छी खासी संख्या में लोग नजर आए। खासकर जीटी रोड बेल्ट से काफी लोग आए थे। अनुशासनहीनता के चलते कई बार अव्यवस्था जरूर नजर आई। मंच पर ही नेता सांसद सैनी को काफी समय तक घेरे नजर आए। जींद ने नेता ने जब अपने बेटे के संबंध में शिकायत की तो सैनी ने अपने पीछे खड़े पुलिसकर्मी को हाथ मारकर उसे चुप कराने को कहा।
11 प्रतिशत जाति की जनसंख्या साबित कर दें, मैं राजनीति छोड़ दूंगा
सांसद सैनी ने कहा कि जिस जाति की जितनी जनसंख्या, उसे उतना आरक्षण दिया जाए। इससे बाद कोई विवाद नहीं रहेगा। कई लोग अपनी जाति की जनसंख्या के बारे में बड़े-बड़े दावे करते हैं। लेकिन वे दावे से कह सकते हैं कि किसी भी जाति की जनसंख्या 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं है। अगर कोई 11 प्रतिशत भी साबित कर दे तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
भीड़ संभाल नहीं पाए आयोजक, अनुशासनहीनता आई नजर
जनसभा में आयोजकों ने 15 हजार से ज्यादा कुर्सी लगाईं थीं। राजनैतिक विशेषज्ञ अपने हिसाब से भीड़ का आंकलन कर रहे हैं। हालांकि जयंती समारोह में आई अच्छी भीड़ भी काफी अहम मानी जा रही है। रोहतक की बजाए दूसरे जिलों से भी अच्छी खासी संख्या में लोग नजर आए। खासकर जीटी रोड बेल्ट से काफी लोग आए थे। अनुशासनहीनता के चलते कई बार अव्यवस्था जरूर नजर आई। मंच पर ही नेता सांसद सैनी को काफी समय तक घेरे नजर आए। जींद ने नेता ने जब अपने बेटे के संबंध में शिकायत की तो सैनी ने अपने पीछे खड़े पुलिसकर्मी को हाथ मारकर उसे चुप कराने को कहा।