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फीस वृद्धि से नाराज माउंट कार्मल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे अभिभावक, नोटिस जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:31 AM IST
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माउंट कार्मल स्कूल प्रबंधन की ओर से बेतहाशा फीस बढ़ोतरी के विरोध में 141 अभिभावकों ने वीरवार को जिला अदालत की शरण ली है। अदालत में दायर सिविल सूट में आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन ने सरकारी नियमों के विपरीत जाकर लगभग दोगुनी फीस कर दी है। सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष स्कूल प्रबंधन, सेक्रेटरी एजुकेशन, डीएसई और सीबीएसई को किया नोटिस जारी किया है। साथ ही अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन को 28 मार्च को स्कूल के बैंक खातों की डिटेल जमा कराने के आदेश दिए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि स्कूल बैंक की कम से कम तीन साल की स्टेटमेंट पेश करें। ताकि स्पष्ट हो सके कि अभिभावकों से वसूली जा रही फीस जायज है या नहीं।
अभिभावकों की ओर से दायर केस में एडवोकेट बलजीत सिंह सैनी ने अदालत को बताया कि स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से फीस वसूल रहा है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का संज्ञान देते हुए कहा है कि, प्राइवेट स्कूलों को चैरिटेबल तरीके से चलाने के निर्देश हैं लेकिन शहर के स्कूल बिजनेस के तौर पर चला रहे हैं। अभिभावकों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि स्कूल अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट कोर्ट में पेश करे। ताकि पता चल सके कि स्कूल को चलाने में कितना खर्च आता है। स्कूल की ओर से बढ़ाई गई फीस यदि सही पाई जाती है तो अभिभावक ज्यादा फीस देने के लिए भी तैयार हैं।
शहर के कई स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इस संदर्भ में बातचीत करने से स्कूल प्रशासन इनकार कर देते हैं। परेशान होकर अभिभावकों ने अदालत की शरण ली है।
माउंट कार्मल के बाद अब सेंट जोसेफ स्कूल सेक्टर-44 के अभिभावक भी अदालत जाने की तैयारी में हैं।
नीतिन गोयल, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन
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अभिभावकों की ओर से दायर केस में एडवोकेट बलजीत सिंह सैनी ने अदालत को बताया कि स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से फीस वसूल रहा है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का संज्ञान देते हुए कहा है कि, प्राइवेट स्कूलों को चैरिटेबल तरीके से चलाने के निर्देश हैं लेकिन शहर के स्कूल बिजनेस के तौर पर चला रहे हैं। अभिभावकों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि स्कूल अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट कोर्ट में पेश करे। ताकि पता चल सके कि स्कूल को चलाने में कितना खर्च आता है। स्कूल की ओर से बढ़ाई गई फीस यदि सही पाई जाती है तो अभिभावक ज्यादा फीस देने के लिए भी तैयार हैं।
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शहर के कई स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इस संदर्भ में बातचीत करने से स्कूल प्रशासन इनकार कर देते हैं। परेशान होकर अभिभावकों ने अदालत की शरण ली है।
माउंट कार्मल के बाद अब सेंट जोसेफ स्कूल सेक्टर-44 के अभिभावक भी अदालत जाने की तैयारी में हैं।
नीतिन गोयल, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन
2700 से बढ़ाकर 4800 रुपये की फीस
2700 से बढ़ाकर 4800 रुपये की फीस
दायर केस में अभिभावकों का कहना है कि स्कूल पिछले साल तक चौथी से आठवीं क्लास के बच्चों से 2700 रुपये फीस लेता था, लेकिन इस साल नए सत्र से इसे 4800 से पांच हजार रुपये तक कर दिया है। जबकि, सरकारी नियमों के तहत एक साल में 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। फीस बढ़ाने का नोटिस स्कूल ने बोर्ड पर चार फरवरी को लगाया था। इसके बाद अभिभावकों ने मिलकर माउंट कार्मल पेरेंट्स एसोसिएशन बनाई। पांच फरवरी को एसोसिएशन की मीटिंग हुई। स्कूल से एसोसिएशन के सदस्यों ने मीटिंग की और फीस वृद्घि को वापस लेने की मांग की।
प्रशासन को भी कराया अवगत
याचिकाकर्ताओं ने स्कूल की इस मनमर्जी के खिलाफ एजुकेशन सेक्रेटरी और सीबीएसई को भी ईमेल भेज अवगत कराया। इसमें उन्होंने कहा कि कैसे स्कूल ने अवैध तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर ली है। 17 फरवरी को स्कूल की ओर से सभी पेरेंट्स को एक नोटिस भेजा गया, जिसमें स्कूल ने झूठा दावा किया कि फीस करीब 10 फीसदी ही बढ़ाई गई है। फीस में बढ़ोतरी इसलिए भी गलत है, क्योंकि सीबीएसई की ओर से 3 जून, 2016 को जारी किए गए सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया है कि फीस की बढ़ोतरी स्कूल की ओर से मुहैया की जाने वाली सुविधाओं के अनुसार होनी चाहिए। जबकि पिछले एक साल में माउंट कार्मल स्कूल ने कोई भी अतिरिक्त सुविधा स्टूडेंट्स को मुहैया नहीं करवाई गई।
दायर केस में अभिभावकों का कहना है कि स्कूल पिछले साल तक चौथी से आठवीं क्लास के बच्चों से 2700 रुपये फीस लेता था, लेकिन इस साल नए सत्र से इसे 4800 से पांच हजार रुपये तक कर दिया है। जबकि, सरकारी नियमों के तहत एक साल में 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। फीस बढ़ाने का नोटिस स्कूल ने बोर्ड पर चार फरवरी को लगाया था। इसके बाद अभिभावकों ने मिलकर माउंट कार्मल पेरेंट्स एसोसिएशन बनाई। पांच फरवरी को एसोसिएशन की मीटिंग हुई। स्कूल से एसोसिएशन के सदस्यों ने मीटिंग की और फीस वृद्घि को वापस लेने की मांग की।
प्रशासन को भी कराया अवगत
याचिकाकर्ताओं ने स्कूल की इस मनमर्जी के खिलाफ एजुकेशन सेक्रेटरी और सीबीएसई को भी ईमेल भेज अवगत कराया। इसमें उन्होंने कहा कि कैसे स्कूल ने अवैध तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर ली है। 17 फरवरी को स्कूल की ओर से सभी पेरेंट्स को एक नोटिस भेजा गया, जिसमें स्कूल ने झूठा दावा किया कि फीस करीब 10 फीसदी ही बढ़ाई गई है। फीस में बढ़ोतरी इसलिए भी गलत है, क्योंकि सीबीएसई की ओर से 3 जून, 2016 को जारी किए गए सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया है कि फीस की बढ़ोतरी स्कूल की ओर से मुहैया की जाने वाली सुविधाओं के अनुसार होनी चाहिए। जबकि पिछले एक साल में माउंट कार्मल स्कूल ने कोई भी अतिरिक्त सुविधा स्टूडेंट्स को मुहैया नहीं करवाई गई।