पंजाब विधानसभा में घमासान : मुख्यमंत्री के भाषण पर विपक्ष का सदन में हंगामा, शिअद विधायकों को मार्शलों ने बाहर निकाला
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पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने सदन में हंगामा कर रहे अकाली दल के सभी सदस्यों को सत्र के बाकी बचे कार्यकाल के लिए नेम कर दिया। हालांकि नेम किए जाने के बाद 15 मिनट के लिए स्थगित सदन की कार्यवाही के दौरान भी अकाली दल के सदस्य वेल में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे तो मार्शलों ने उन्हें पहले तो खींचकर उठाया और फिर जबरन सदन से बाहर कर दिया।
शुक्रवार को सदन में शून्यकाल के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए अपना भाषण पढ़ना शुरू किया, वैसे ही अकाली दल और आम आदमी पार्टी के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। उन्होंने पहले तो आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष को बोलने का समय नहीं दे रहे। उसके बाद यह कहते सुनाई दिए कि वे झूठा भाषण नहीं सुनेंगे। इस हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा।
इधर, हंगामा करते अकाली और आप सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए। 15 मिनट के स्थगन के बाद मुख्यमंत्री ने अपना भाषण पढ़ना शुरू किया तो दोनों विपक्षी दलों के सदस्य सदन में लौट आए। कुछ ही देर में अकाली दल के एनके शर्मा ने मुख्यमंत्री के भाषण के बीच, कोविड लॉकडाउन के दौरान बंद दुकानों के लिए लोगों को भेजे गए हजारों रुपये के बिजली बिल का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।
इस पर फिर हंगामा शुरू हो गया और सभी अकाली सदस्य फिर से वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। अकाली सदस्यों को विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार शांत रहने और अपनी सीटों पर जाकर बैठने की हिदायत दी लेकिन अकाली सदस्यों के अनदेखी करने पर अध्यक्ष ने सख्त कदम उठाते हुए सभी सदस्यों को तीन दिन के लिए नेम कर दिया।
हंगामे की वीडियो बनाते रहे विधायक सुखपाल खैरा
अकाली दल और आप सदस्यों ने जब पहली बार वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू की तो उनके जवाब में कांग्रेसी सदस्य भी मुख्यमंत्री की मेज के पास जमा हो गए और कुछ बैनर लहराते हुए अकाली व आप विधायकों का विरोध करने लगे। इसी दौरान अपनी सीट पर बैठे विधायक सुखपाल सिंह खैरा मोबाइल फोन पर हंगामे की वीडियो बनाते रहे। कुछ ही देर में यह खबर सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल होने लगी।
इसी दौरान खैरा अपने सीट से उठे और मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के पास जाकर बैठ गए। दूसरी बार जब कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित हुई और अकाली दल के सदस्य वेल में धरना दे रहे थे तो सुखपाल खैरा ने फिर से वीडियो बनाना शुरू किया। लेकिन इस बार कांग्रेस सदस्यों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन्होंने खुद को यह कहते हुए सही ठहराने की कोशिश की कि सदन की कार्यवाही स्थगित है, इसलिए वीडियो बना रहे हैं।