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Martyr Nishant Malik: हांसी पहुंचा शहीद निशांत का पार्थिक शव, ताबूत के साथ लिपट कर रोईं तीनों बहनें
Sat, 13 Aug 2022 11:08 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 13 Aug 2022 11:08 AM IST
सार
निशांत जुलाई में अपनी छुट्टी पूरी करके वापस ड्यूटी पर गए थे। वह करीब ढाई साल पहले ही भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उनकी पोस्टिंग राजौरी में थी।
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हांसी पहुंचा शहीद निशांत मलिक का पार्थिव शरीर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में गुरुवार सुबह हुई मुठभेड़ में शहीद हुए निशांत मलिक का पार्थिव शरीर शनिवार को हांसी के आदर्श नगर स्थित घर पहुंचा। यहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ढंढेरी में ले जाया जाएगा। जहां निशांत मलिक का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
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निशांत के पिता जयवीर भी आर्मी से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। निशांत के पिता कारगिल युद्ध में गोली लगने से घायल हो गए थे। वे आर्मी कैंट में हो रहे सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान आर्मी के अफसरों ने निशांत के शहीद होने की जानकारी उन्हें दी थी।
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तीन बहनों के इकलौते भाई थे निशांत
निशांत तीन बहनों का इकलौता भाई था। निशांत की शहादत की खबर मिलते ही गांव शोक में डूब गया था। निशांत का पैतृक गांव ढंढेरी है, लेकिन करीब 20 वर्ष से उनका परिवार हांसी में रह रहा है।
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ढाई साल पहले सेना में हुए थे भर्ती
निशांत जुलाई में अपनी छुट्टी पूरी करके वापस ड्यूटी पर गए थे। वह करीब ढाई साल पहले ही भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उनकी पोस्टिंग राजौरी में थी। गश्त के दौरान आतंकियों द्वारा उनके कैंप पर हमला कर दिया गया। जिसमें निशांत आतंकियों का मुकाबला करते हुए शहीद हो गए।निशांत के पिता जयवीर भी आर्मी से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। निशांत के पिता कारगिल युद्ध में गोली लगने से घायल हो गए थे। वे आर्मी कैंट में हो रहे सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान आर्मी के अफसरों ने निशांत के शहीद होने की जानकारी उन्हें दी थी।