30 हजार से ज्यादा कच्चे कर्मी होंगे पक्के, सरकार ने बिल को दी मंजूरी
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पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से की जा रही पक्का करने की मांग को आखिरकार पंजाब सरकार ने विधानसभा में कानूनी जामा पहनाते हुए मंजूर कर लिया।
14वीं पंजाब विधानसभा के सोमवार को बुलाए गए 15वें सत्र के दौरान पंजाब एडहॉक, कांट्रैक्ट, डेली वेज़, आरजी, वर्कचार्ज्ड और आउटसोर्स इंप्लाइज वेलफेयर बिल- 2016 पास कर दिया गया।
इसके साथ ही, आठ अन्य महत्वपूर्ण बिलों को भी सदन में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित करा दिया। विधानसभा सत्र में विपक्षी कांग्रेस के सदस्य मौजूद नहीं थे क्योंकि उन्होंने पिछले सत्र से पहले अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
सोमवार को विधानसभा के एक दिवसीय सत्र की शुरूआत उन 12 शख्सियतों, जिनका पिछले सत्र से अब तक की समयावधि में देहांत हो गया है, को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए उनकी याद में दो मिनट का मौन रखकर हुई। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया।
इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विभिन्न सरकारी विभागों की वार्षिक रिपोर्ट पटल पर रखी गईं। इसके बाद सदन में नौ विधेयक पेश किए गए। विधायक अनिल जोशी ने पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (संशोधन) विधेयक-2016 पेश किया।
इस विधेयक के संबंध में सदन में जानकारी देते हुए अनिल जोशी ने कहा कि सरकार ने 1309 करोड़ रुपये की परियोजना को मूर्तरूप देने के साथ ही इस संबंध में जनता से ?किए शत प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं।
संशोधन विधेयक के तहत बोर्ड में चेयरमैन, सीनियर वाइस चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के एक-एक पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। पंजाब में एक सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए सोमवार को विधेयक सुरजीत सिंह रखड़ा ने सदन में ‘दी सीटी यूनिवर्सिटी बिल-2016’ पेश किया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सोसाइटी के रूप में पंजीकृत जालंधर की सीटी एजुकेशनल सोसाइटी ने राज्य सरकार को पंजाब प्राइवेट यूनिवर्सिटी पालिसी-2010 के तहत राज्य में एक सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर विचार-विमर्श के बाद सरकार ने इस यूनिवर्सिटी की स्थापना को कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी दे दी थी।
इसके बाद, संसदीय मामलों के मंत्री मदन मोहन मित्तल ने सरकारी विभागों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने से संबंधित चिर-प्रतीक्षित ‘दी पंजाब एड-हॉक, कांट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्परेरी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोसर्ड इम्पलाइज वेलफेयर बिल 2016’ सदन में पेश किया।
मित्तल ने सदन में कहा कि यह ऐतिहासिक बिल है, जिससे बड़ी संख्या में दिहाड़ी कर्मचारियों को लाभ होगा। उन्होंने सदन में विपक्ष की खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि विरोधी यहां मौजूद नहीं है, जिससे साफ हो जाता है कि वे इस बिल के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान कोई नई भरती नहीं की।
जो रिटायरमेंट से खाली हुए, उन पदों को भी नहीं भरा। मित्तल ने कहा कि विपक्ष कर्मचारियों का विरोधी है। इस बिल के पारित होने के बाद सरकारी विभागों में तीन साल से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जा सकेगा, जबकि जिन कच्चे कर्मचारियों को अभी तीन साल पूरे नहीं हुए हैं, वे अब सरकार के अधीन कच्चे कर्मचारी के रूप में तीन साल की अवधि पूरी होने तक कार्य करते रहेंगे और बाद में पक्के किए जाएंगे।
बिना विपक्ष मात्र 46 मिनट में पूरी हुई सदन की कार्यवाही
इस बिल के बारे में संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बिल में बदलाव करते हुए चौथी श्रेणी के कर्मचारियों को भी शामिल कर ही इसे सदन में पेश किया है। पहले इस बिल में ए, बी व सी श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों को ही शामिल किया गया था।
इन बिलों के अलावा, सदन में डा. दलजीत सिंह चीमा ने ‘पंजाब गैर सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों की फीसों को नियमित करने संबंधी बिल, 2016’ और ‘पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (संशोधन) बिल, 2016’ पेश किए, जबकि सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने %पंजाब भगवान वाल्मीकि जी तीर्थस्थल (रामतीर्थ) श्राइन बोर्ड बिल-2016% पेश किया।
स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत ज्याणी ने ‘पंजाब राज्य महिलाओं के लिए आयोग (द्वितीय संशोधन) बिल-2016’ पेश किया, जिसके तहत आयोग में चेयरपर्सन, सीनियर वाइस चेयरपर्सन व वाइस चेयरपर्सन के पद सृजित किए गए हैं। इसके बाद, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने ‘पंजाब अलॉटमेंट ऑफ स्टेट गवर्नमेंट लैंड बिल- 2016’ और मदन मोहन मित्तल ने ‘पंजाब राज्य अल्प संख्यक आयोग (तृतीय संशोधन) बिल-2016’ पेश किए।
इन सभी बिलों को सदन में विपक्षी सदस्यों की गैर मौजूदगी के बीच सर्वस?म्मति से पारित कर दिया गया। जयललिता समेत दिवंगत लोगों को सदन ने श्रद्धांजलि पंजाब विधानसभा के सोमवार को बुलाए गए एक दिन के विशेष सत्र के आरंभ में सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने हाल ही में स्वर्ग सिधार गए माननीय नेताओं तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जे. जयललिता, पंजाब के पूर्व मंत्री अवतार सिंह बराड़, पूर्व मंत्री दविंदर सिंह बाजवा, स्वतंत्रता सेनानियों- हाकम सिंह, गुरदयाल सिंह, प्रीतम सिंह, हरचंद सिंह, कुलवंत सिंह, तारा सिंह, तेजा सिंह, चनन सिंह और शहीद हवलदार सुखराज सिंह को श्रद्धांजलि दी। सदन में सभी सदस्यों ने दो मिनट मौन रखा।
बिना विपक्ष मात्र 46 मिनट में पूरी हुई सदन की कार्यवाही
विधानसभा में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, नारेबाजी, बायकॉट, हंगामा आदि सामान्य सी बातें लगती हैं, लेकिन सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन का नजारा बिल्कुल अलग तरह का था।
विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की सारी कार्यवाही मात्र 46 मिनट में पूरी हो गई। सदन 2 बजे शुरू हुआ और विधानसभा स्पीकर ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के बाद 2.07 बजे सदन को 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सरकार की ओर से नौ विधेयक पेश किए गए, जिन्हें बिना किसी शोरशराबे के सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।