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बढ़ा इंतजार: मानसून को सक्रिय करने वाले सिस्टम पड़े कमजोर, गर्मी के साथ अब झेलनी होगी उमस

Mon, 21 Jun 2021 03:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 21 Jun 2021 03:14 PM IST
सार

जून में अब तक चंडीगढ़ में 125.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो करीब सामान्य से 56 फीसदी ज्यादा है। हालांकि धीरे-धीरे अब यह अंतर कम होगा, क्योंकि अब बारिश होने के आसार कम है। 
 

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Monsoon activating systems are weak in Chandigarh, Punjab and Haryana
बढ़ा मानसून का इंतजार। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

तय समय से पहले बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आया मानसून अब कमजोर पड़ चुका है। मानसून को आगे बढ़ाने वाली पूर्वी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। अब अगले पांच से छह दिन फिलहाल पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में मानसून के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। इससे पूरे रीजन में गर्मी के साथ उमस बढ़ेगी, जो लोगों को परेशान कर सकती है। तापमान में एक दो डिग्री की बढ़ोतरी होगी, तापमान 40 के पार नहीं पहुंचेगा। ज्यादा नमी बढ़ने से स्थानीय बादल एक दो स्थानों पर बरस सकते हैं, मगर इससे ज्यादा राहत नहीं मिलेगी।

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चंडीगढ़ मौसम विभाग के विशेषज्ञ शिवेंद्र सिंह के मुताबिक, इस समय पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जबकि मानसून को आगे ले जाने वाली पूर्वी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। जब तक ये हवाएं आगे नहीं आएंगी, तब तक मानसून की बारिश के आसार कम हैं। एक दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। जिन जगहों पर मानसून है, वहां पर बारिश की संभावना बनी रहेगी। आगे की स्थिति के लिए कम से कम चार से पांच दिन का इंतजार करना पड़ेगा। 
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राहत की बात यह है कि तापमान फिलहाल सामान्य से नीचे दर्ज किए जा रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।

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बंगाल की खाड़ी में नहीं बन रहा है सिस्टम

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने बताया कि जब एक मौसमी सिस्टम बनता है तो दूसरा उसे आगे नहीं बढ़ने देता। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से इस समय पश्चिमी हवाएं आ रही हैं, जो पूर्वी हवाओं को आगे बढ़ने नहीं दे रहीं। इस वजह से मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा। अगले दस दिन तक बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनेगा, जिस वजह से बारिश के लिए लोगों को जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।

हवा में नमी बढ़ी तो हो सकती है बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने स्थानीय बादलों के बनने से बारिश हो सकती है। हवा में जब नमी बढ़ती है तो हवाएं ऊपर जाकर बारिश कराती हैं। हालांकि यह तत्कालीन राहत होती है। बारिश होने के कुछ देर तक गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन उसके बाद फिर से गर्मी परेशान करने लगती है।

जून में अब तक 125.9 मिलीमीटर बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, जून में अब तक चंडीगढ़ में 125.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो करीब सामान्य से 56 फीसदी ज्यादा है। हालांकि धीरे-धीरे अब यह अंतर कम होगा, क्योंकि अब बारिश होने के आसार कम है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है। रविवार को हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 72 फीसदी रिकार्ड हुई।

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