जाट आंदोलन को लेकर सोशल साइट्स की निगरानी, होगी कार्रवाई
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हरियाणा सरकार ने प्रस्तावित जाट आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था के मद्देनजर कड़े कदम उठाने के साथ ही किसी भी कार से हिंसा न होने को लेकर एहतियात बरतना शुरू कर दी है।
सोशल साइट्स के जरिए जाट आंदोलन को भड़काया न जा सके, इसलिए पुलिस सोशल मीडिया की निगरानी में जुट गई है। पुलिस मुख्यालय में सोशल मीडिया लैब में सभी साइट्स पर पैनी निगाह रखी जा रही है।
भड़काऊ पोस्ट या कमेंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जाट आंदोलन को लेकर साइट्स पर किसी प्रकार की कोई मुहिम तो नहीं चल रही है, इसकी भी निरंतर मानीटरिंग जारी है।
भड़काऊ पोस्ट या कमेंट करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बीते वर्ष फरवरी महीने में हुए हिंसक जाट आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने में उपद्रवियों ने सोशल साइट्स का सहारा लिया था। सरकार और पुलिस की जानकारी में आने पर उपायुक्तों को निर्देश देकर अधिक हिंसा प्रभावित जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं।
इन्हें आंदोलन खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य होने पर ही जारी किया गया था। इस बार सोशल साइट्स के जरिए आंदोलनकारियों को कोई उकसा न सके, इसलिए अभी से पुलिस सोशल मीडिया लैब में रोजाना साइट्स पर नजर रख रही है।
एडीजीपी मोहम्मद अकील ने कहा कि पुलिस जाट आंदोलन के मद्देनजर सतर्क है। आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्वक धरनों का आश्वासन दिया है, बावजूद इसके चौकसी बरती जा रही है। सोशल साइट्स पर मुख्यालय के अलावा जिलों में भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।