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पंजाबः पेपर लीक घोटाले के एक आरोपी ने किया सरेंडर, कई महीने से था फरार
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:35 AM IST
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आरोपी ने सरेंडर किया
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पंजाब में 2015 में लोकल बॉडीज विभाग और सिंचाई विभाग में विभिन्न पदों की भर्ती में हुए पेपर लीक मामले के एक आरोपी हरिन्द्र सिंह उर्फ रंमी बराड़ ने सरेंडर कर दिया है। उसने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर विजिलेंस के पास भेज दिया है।
आरोपी हरिंद्र सिंह उर्फ रंमी बराड़ राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ के गांव ढोल नगर का रहने वाला है। यह गांव पंजाब के बार्डर के नजदीक होने के कारण उसकी यहां रिश्तेदारी है। अपनी रिश्तेदारी का फायदा उठाते हुए उसने 2016 में हुए लोकल बॉडीज विभाग और सिंचाई विभाग में विभिन्न पदों संबंधी लिए जाने वाले पेपर को लीक करने में दलाल की भूमिका निभाई थी।
उसके तार लखनऊ और दिल्ली के दलालों से जुड़े हुए थे। उसने व्हाट्सएप के माध्यम से पेपर को बड़ी फुर्ती से इधर-उधर किया था। पेपर देने वाले परीक्षार्थियों को दिल्ली भी भेजा था। उसके एक साथी हनी मान को विजिलेंस द्वारा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पेपर लीक मामले में विजिलेंस केस के आरोपियों मास्टर माइंड संजय कुमार श्रीवास्तव उर्फ गुरु जी, संदीप सिंह, खुशवंत सिंह, गौरव शर्मा, मलविंद्र सिंह, साहिल बंसल, हरवीर सिंह मान, दिलबाग सिंह, भगवान सिंह, गुरमेज सिंह गोल्डी, विनोद नेहरा, राय साहिब, मुश्ताक अहमद, शिव बहादुर सिंह, शैलेस कुमार सिंह, रणबीर सिंह रावत, अमित सागर, अमनदीप सिंह, सुखप्रीत सिंह सहित कुल 27 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 201 तथा 120बी के तहत पहले ही चालान पेश कर चुकी है।
इन पदों के लिए हुई थी भर्ती
विजिलेंस ने लोकल बॉडीज विभाग पंजाब में इंस्पेक्टर/सीनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए 8 नवंबर 2015 को परीक्षा ली गई थी। उसके बाद 15 नवंबर 2015 को जूनियर इंजीनियर व एसडीओ के पदों की भर्ती संबंधी परीक्षा ली गई थी। इसी प्रकार सिंचाई विभाग पंजाब में भी भर्ती संबंधी परीक्षा ली गई थी। दोनों परीक्षाएं होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था। विजिलेंस की जांच में पता चला था कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से लाखों रुपये लेकर उन्हें यह पेपर लखनऊ शहर और दिल्ली के नजफगढ़ में दिखाए गए थे।
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आरोपी हरिंद्र सिंह उर्फ रंमी बराड़ राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ के गांव ढोल नगर का रहने वाला है। यह गांव पंजाब के बार्डर के नजदीक होने के कारण उसकी यहां रिश्तेदारी है। अपनी रिश्तेदारी का फायदा उठाते हुए उसने 2016 में हुए लोकल बॉडीज विभाग और सिंचाई विभाग में विभिन्न पदों संबंधी लिए जाने वाले पेपर को लीक करने में दलाल की भूमिका निभाई थी।
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उसके तार लखनऊ और दिल्ली के दलालों से जुड़े हुए थे। उसने व्हाट्सएप के माध्यम से पेपर को बड़ी फुर्ती से इधर-उधर किया था। पेपर देने वाले परीक्षार्थियों को दिल्ली भी भेजा था। उसके एक साथी हनी मान को विजिलेंस द्वारा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पेपर लीक मामले में विजिलेंस केस के आरोपियों मास्टर माइंड संजय कुमार श्रीवास्तव उर्फ गुरु जी, संदीप सिंह, खुशवंत सिंह, गौरव शर्मा, मलविंद्र सिंह, साहिल बंसल, हरवीर सिंह मान, दिलबाग सिंह, भगवान सिंह, गुरमेज सिंह गोल्डी, विनोद नेहरा, राय साहिब, मुश्ताक अहमद, शिव बहादुर सिंह, शैलेस कुमार सिंह, रणबीर सिंह रावत, अमित सागर, अमनदीप सिंह, सुखप्रीत सिंह सहित कुल 27 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 201 तथा 120बी के तहत पहले ही चालान पेश कर चुकी है।
इन पदों के लिए हुई थी भर्ती
विजिलेंस ने लोकल बॉडीज विभाग पंजाब में इंस्पेक्टर/सीनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए 8 नवंबर 2015 को परीक्षा ली गई थी। उसके बाद 15 नवंबर 2015 को जूनियर इंजीनियर व एसडीओ के पदों की भर्ती संबंधी परीक्षा ली गई थी। इसी प्रकार सिंचाई विभाग पंजाब में भी भर्ती संबंधी परीक्षा ली गई थी। दोनों परीक्षाएं होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था। विजिलेंस की जांच में पता चला था कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से लाखों रुपये लेकर उन्हें यह पेपर लखनऊ शहर और दिल्ली के नजफगढ़ में दिखाए गए थे।