मोदी ने खिलाई कसम, डॉक्टरों ने 4 दिन में तोड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की कसम खाने वाले डॉक्टरों ने महज चार दिन में ही बेटी बचाने की कसम को तोड़ दिया और इसी धरती पर पेट में बेटियों का मारना शुरू कर दिया। बापौली कस्बे में सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करने के मामले का भंडा फूटते ही कई सच्चाइयां सामने आ गईं। उक्त क्लीनिक संचालक की डिग्री भी फर्जी मिली और पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर क्लीनिक संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
गौरतलब है कि सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को बापौली कस्बे में पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड कर लिंग जांच करने का भंडाफोड़ किया था। मामले के सामने आने से पहले क्लीनिक संचालक मशीन के साथ फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि कन्या भ्रूण हत्या का धंधा चल रहा है।
इसमें कुछ एजेंट और एएनएम भी शामिल हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने टीम का गठन किया। उन्होंने आशा वर्कर व उसकी बेटी को ग्राहक बनाया और एक एएनएम के पास भेजा। जिसको लेकर 11 हजार रुपये में बात तय हुई।
क्लीनिक संचालक फरार
इसके बाद एएनएम सोनीपत के एक निजी अस्पताल से बाहर ले गई। उनको दो हजार रुपये एडवांस दिए गए और बाकी नौ हजार रुपये अल्ट्रासाउंड के बाद देने तय हुए। उन दोनों को सोनीपत से समालखा होते हुए बापौली ले जाया गया और यहां पर उनके चेकअप की तैयारी की गई। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश दे दी।
विभाग की टीम को आता देख क्लीनिक संचालक फरार हो गया और टीम ने यहां से उसकी डिग्री और अन्य सामान जब्त किया। पानीपत के सीएमओ और थाना बापौली प्रभारी रामकुमार भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच में उक्त डिग्री फर्जी मिली। जिसके बाद थाना पुलिस को शिकायत दी। थाना पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया।
वीरवार को ही खिलाई थी कसम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से राष्ट्र स्तर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का शुभारंभ किया था। उन्होंने यहां पर बेटी बचाने की शपथ दिलवाई थी। इसके बाद आईएमए ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ में योगदान देने का फैसला लिया था। इस मामले के दो दिन बाद ही पानीपत की धरती पर ही लिंग जांच का मामला पकड़ा गया।