प्रोत्साहन या मजाक: मेधावी छात्रों को हर महीने 10 रुपये वजीफा

ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब) Updated Thu, 25 Feb 2016 08:13 AM IST
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mockery: ten rupees stipend to meritorious students for one month

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पंजाब का शिक्षा विभाग महंगाई के इस दौर से शायद अछूता है। विभाग की आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को दस रुपये प्रतिमाह वजीफा देने की योजना तो यही दर्शाती है।
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इस योजना के तहत यह वजीफा ऐसे बच्चों को दिया जाएगा जिनके परिवार की सालाना आमदनी महज छह हजार रुपये होगी। जनरल कैटेगरी वेलफेयर फेडरेशन ने इस पर कड़ा नोटिस लिया है। फेडरेशन का आरोप है कि इस योजना से विद्यार्थियों का मजाक उड़ाते हुए उनके जख्मों पर नमक छिड़का गया है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की वजीफा शाखा की तरफ से 17 फरवरी को राज्य के सभी डीईओ (स) को जारी पत्र के अनुसार मिडिल कक्षा (8वीं) की परीक्षा के आधार पर 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए ‘स्कॉलरशिप फार ब्रिलिएंट इक्नोमीकली बैकवर्ड स्टूडेंट्स’ नामक योजना शुरू की गई है।
इसके तहत 6 हजार रुपये वार्षिक आय वाले जनरल वर्ग के परिवारों से संबंधित बच्चों को 10 रुपये प्रतिमाह वजीफा दिया जाना है। पत्र में सभी डीईओ से ऐसे विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पिछले साल शिक्षा अधिकारियों ने सूची उपलब्ध नहीं करवाई थी।

फेडरेशन के चीफ आर्गनाइजर सुखबीर सिंह, प्रधान प्रभजीत सिंह, सीनियर उपाध्यक्ष जरनैल सिंह बराड़ व प्रेस सचिव जसवीर सिंह ने कहा कि पंजाब ऐसा प्रदेश है जिसमें प्रति व्यक्ति आय दूसरे प्रदेशों के मुकाबले ज्यादा है। आंकड़ों की मानें तो पंजाब में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 92,350 रुपये है जबकि पंजाब सरकार की तरफ से 24 अप्रैल, 2015 को जारी पत्र के मुताबिक एक मजदूर की कम से कम आमदन भी 82173 रुपये वार्षिक है।

ऐसे में बोर्ड की तरफ से महज 6 हजार रुपये वार्षिक आय की शर्त लगाना और सिर्फ 10 रुपये प्रतिमाह वजीफा देना अनुचित है। उन्होंने कहा कि अब महंगाई के चलते 10 रुपये में एक अच्छा पेन भी नहीं आता फिर शिक्षा विभाग कैसे विद्यार्थियों को उत्साहित करने के दावे कर रहा है।
 
‘महंगाई के मुताबिक शर्त रखे सरकार’
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। यदि सरकार सही मायनों में जनरल कैटेगरी के मेधावी बच्चों को उत्साहित करना चाहती है तो महंगाई के मुताबिक शर्तें रखने और उसी हिसाब से वजीफे की राशि देने पर विचार किया जाना चाहिए।
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