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अब बेवजह हॉन बजाया तो खैर नहीं, इस ऐप से जरा बचकर रहिएगा आप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 28 Apr 2017 09:28 AM IST
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बेवजह हॉर्न बजाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। अब अगर हॉर्न बजाया तो जरा इस ऐप से बचकर रहिएगा आप। हॉर्न बजाने वालों की पहचान के लिए नेशनल इनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड की ओर से एक स्पेशल ऐप तैयार किया जा रहा है। यह ऐप आने वाले दिनों में सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल में होगा, ताकि बेवजह हार्न बजाने वाले चालकों पर एक्शन लिया जा सके।
नेशनल एनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड लंबे समय से शहर की सड़कों पर चलने वाहनों को स्टडी कर रही है। इसमें पाया गया कि लोग बेवजह हॉर्न बजाते रहते हैं, जबकि लाइट प्वाइंट पर गाड़ियां रूकी हुई होती हैं। इसी स्टडी के बाद ऐसा मोबाइल ऐप बनाने की प्लानिंग की गई। यह ऐप सभी एंड्रायड मोबाइल में काम करेगा।
पेक और पीयू की ली जाएगी मदद
ऐप बनाने केलिए नेशनल इनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड पेक और पीयू केएक्सपर्ट्स की भी मदद लेगा। क्योंकि मौजूदा समय में भी इस तरह की कुछ ऐप हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता इतनी बेहतर नहीं है। ऐप के परिणाम पर कोई सवाल न उठा सके, इसके लिए बाकायदा इसे कानूनी तौर पर मान्यता दिलाई जाएगी। उसकेबाद ही इसे पुलिस महकमे केसुपुर्द किया जाएगा।
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ऐसे करेगा काम
जब ऐप पुलिसकर्मियों केमोबाइल में इंस्टाल हो जाएगा, तो इसका इस्तेमाल बेहद आसान होगा। लाइट प्वाइंट पर खड़े पुलिसकर्मी को जिस दिशा से ज्यादा शोर महसूस होगा, उसी दिशा में मोबाइल को ले जाकर ऐप को ऑन करके उस वाहन का दायर पता किया जा सकेगा, जो ज्यादा हॉर्न बजा रहा होगा।
इस ऐप पर अभी काम चल रहा है, जिसे पूरी प्रमाणिकता के बाद पुलिस के सहयोग से इस्तेमाल में लाया जा सकेगा।
- डॉ. रमन अबरोल, चेयरमैन, नेशनल इनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड
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नेशनल एनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड लंबे समय से शहर की सड़कों पर चलने वाहनों को स्टडी कर रही है। इसमें पाया गया कि लोग बेवजह हॉर्न बजाते रहते हैं, जबकि लाइट प्वाइंट पर गाड़ियां रूकी हुई होती हैं। इसी स्टडी के बाद ऐसा मोबाइल ऐप बनाने की प्लानिंग की गई। यह ऐप सभी एंड्रायड मोबाइल में काम करेगा।
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पेक और पीयू की ली जाएगी मदद
ऐप बनाने केलिए नेशनल इनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड पेक और पीयू केएक्सपर्ट्स की भी मदद लेगा। क्योंकि मौजूदा समय में भी इस तरह की कुछ ऐप हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता इतनी बेहतर नहीं है। ऐप के परिणाम पर कोई सवाल न उठा सके, इसके लिए बाकायदा इसे कानूनी तौर पर मान्यता दिलाई जाएगी। उसकेबाद ही इसे पुलिस महकमे केसुपुर्द किया जाएगा।
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ऐसे करेगा काम
जब ऐप पुलिसकर्मियों केमोबाइल में इंस्टाल हो जाएगा, तो इसका इस्तेमाल बेहद आसान होगा। लाइट प्वाइंट पर खड़े पुलिसकर्मी को जिस दिशा से ज्यादा शोर महसूस होगा, उसी दिशा में मोबाइल को ले जाकर ऐप को ऑन करके उस वाहन का दायर पता किया जा सकेगा, जो ज्यादा हॉर्न बजा रहा होगा।
इस ऐप पर अभी काम चल रहा है, जिसे पूरी प्रमाणिकता के बाद पुलिस के सहयोग से इस्तेमाल में लाया जा सकेगा।
- डॉ. रमन अबरोल, चेयरमैन, नेशनल इनिशिएटिव फॉर सेफ साउंड