'आटा मिल रहा ऐसा जिसे पशु भी न खाएं, शुद्ध शराब की तो चिंता गंदे पानी की भी सुध लो'
- विधायकों ने जनहित से जुड़े कई मसलों पर सदन में सरकार को घेरा।
- पेंशन, गलत मीटर रीडिंग, गंदे पेयजल और किल्लत को लेकर विधायकों ने जताई चिंता।
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हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान कई विधायकों ने जनहित के मुद्दों की आवाज भी बुलंद की। इन मुद्दों पर चर्चा करते हुए जहां इन विधायकों ने जनता की परेशानियां सरकार के समक्ष रखी, वहीं कई मसलों पर उन्होंने सरकार की घेराबंदी भी की। कुछ मसलों पर सरकार के मंत्रियों ने तुरंत जवाब देकर विधायकों को शांत करने की कोशिश की, तो कुछ गंभीर मसलों पर जवाब ‘मुख्यमंत्री उत्तर’ के दौरान विधायकों को मिलेगा। विधायक शैली ने सदन में राशन डिपो पर घटिया आटे की सप्लाई का मुद्दा उठाया।
शैली ने कहा कि लोगों की लगातार शिकायतें आ रही हैं कि राशन डिपो पर जो आटा उन्हें दिया जा रहा है, वे इस कदर गंदा है कि उसे जानवर को भी नहीं डाला जा सकता। इसलिए लोग चाहते हैं कि पहले की तरह सरकार उन्हें गेहूं उपलब्ध करवाएं, वे खुद अपना आटा पिसवा लेंगे। कई जगह तो बिना पैकिंग के खुला आटा देने की भी शिकायत हैं।
सूबे के वयोवृद्ध व बीमार पेंशन लाभार्थियों की बैंकों तक पहुंचने का दर्द भी सरकार के सामने रखा गया। विधायक शैली ने कहा कि ये बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी समस्या है। मगर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार ऐसे अति और बीमार बुजुर्ग पेंशन लेने के लिए बैंकों तक जाने में असमर्थ होते हैं, इसलिए सरकार बैंकों को आदेश दे कि ऐसे बुजुर्गों को बैंककर्मी घर जाकर उन्हें पेंशन दें, क्योंकि इसी पेंशन से इन बुजुर्गों की दवा व अन्य खर्च चलता है। इससे उनका बैंकों तक पहुंचने का खर्च भी बचेगा।
गंदे पानी का भी ‘चेक मीटर’ लगवा दीजिए
विधायक नीरज शर्मा ने सदन में कहा कि शराब गंदी न हो, इसके लिए तो सरकार प्रदेश के शराब कारखानों में ‘फ्लो मीटर’ लगवाकर एक-एक बूंद पर नजर रखने की बात कर रही है, बड़ी मेहरबानी होगी, यदि ऐसा ही कोई ‘चेक मीटर’ प्रदेश में गंदे पानी पर भी लगवा दिया जाए। इस बात पर कांग्रेसी विधायकों ने नीरज शर्मा को खूब समर्थन किया। उनके अनुसार प्रदेश में आज गंदे पेयजल की बहुत बड़ी समस्या है।
विधायक जगबीर मलिक ने भी कहा कि बहुत से गांव ऐसे हैं, जहां गंदे पानी की वजह से जलजनित बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। उनके हलके में भी गंदे पानी की समस्या गंभीर रूप ले रही है। विधायक अमरजीत ढांडा ने भी पेयजल किल्लत व सिंचाई के लिए कम पानी का मुद्दा उठाया।
विधायक ही जब बिल ठीक नहीं करवा पा रहा, जनता क्या करवाएगी
विधायक नीरज शर्मा ने गलत मीटर रीडिंग के बाद आने वाले भारी बिजली बिलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे खुद इस समस्या के भुगतभोगी है। उनका खुद बिजली बिल गलत रीडिंग की वजह से करीब 1.70 लाख रुपये आया हुआ। इसे ठीक करवाने के लिए वह धक्के खाकर अब थक चुके हैं। उनके अनुसार ‘जब मैं खुद विधायक होने के बावजूद अपना गलत मीटर रीडिंग की वजह से आया बिल ठीक नहीं करवा पा रहा, तो सोचिए जनता इस समस्या से कितनी दुखी होगी।’
बेटियों गायब हो रही, सरकार दिखाए सख्ती
विधायक चौधरी ईश्वर सिंह ने प्रदेश में बेटियों की गुमशुदगी का गंभीर मसले पर सदन का ध्यान खींचा। विधायक ने कहा कि प्रदेश में किशोरियां और बच्चियां संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो रही हैं। कुछ मामलों की जांच में सामने आया है कि उन्हें गायब कर देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। सरकार को इस तरह की मानव तस्करी पर गंभीरता दिखानी होगी। उनके अनुसार इसका खुलासा अपराध के आंकड़े करते हैं।
मानव तस्करी के साथ-साथ मानव अंगों की तस्करी भी चिंताजनक है। इसलिए इस पर गंभीरता दिखानी होगी। ईश्वर सिंह ने हरियाणा विधानसभा की आरक्षित सीटें भी 17 से बढ़ाकर 18 करने की मांग की। उनके अनुसार कुल 90 विधानसभा सीटों का 20 फीसद आरक्षित कोटा 18 सीटों का बनता है। मगर जब से हरियाणा बना हैं, तभी से 17 सीटें ही अनुसूचित व जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसे बढ़ाया जाए। उन्होंने फैक्ट्रियों द्वारा घग्गर नदी में छोड़े जाने वाले जहरीले पानी पर भी चिंता जताई। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोग कैंसर के मरीज बन रहे हैं।