सिमरजीत सिंह बैंस ने लगाया बड़ा आरोप, बोले- 'कैप्टन सरकार ने किया करोड़ों का केरोसिन घोटाला'
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लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने मंगलवार को दावा किया है कि श्री गुरुनानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के मौके पर कैप्टन सरकार ने करोड़ों रुपये का केरोसिन घपला किया है। केंद्र सरकार ने प्रकाश पर्व को देखते सरकार को गुरुद्वारा और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं को लंगर के लिए 61.90 लाख लीटर केरोसिन तेल सप्लाई किया था। इस तेल का बड़ा हिस्सा डिपो होल्डरों को जारी कर घपला किया गया है। बैंस पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
विधायक बैंस ने बताया उन्होंने केंद्र सरकार के सिविल सप्लाई मिनिस्टर को पत्र भेजकर इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। बैंस के अनुसार केंद्र सरकार ने प्रकाश पर्व के मौके पर 37 रुपये प्लस 5 फीसदी जीएसटी लगाकर यह तेल सप्लाई किया था। इस तरह पंजाब सरकार को यह तेल 38.85 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिया गया था।
अब यही तेल अगर कोई व्यक्ति या कारोबारी बाजार से खरीदने के लिए जाता है तो उसे 52 रुपये प्रति लीटर और 18 फीसदी जीएसटी देनी पड़ती है, यानी उसे प्रति लीटर लगभग 62 रुपये चुकाने होते है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने सिर्फ 40 हजार लीटर तेल ही धार्मिक संस्थाओं या फिर गुरुद्वारा साहिब को सप्लाई किया है। बाकी बचा तेल डिपो होल्डर्स के माध्यम से बाजार में बेच दिया है।
उन्होंने कहा ऐसा कर पंजाबियों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने इस मामले को लेकर पंजाब सिविल सप्लाई विभाग के एक सीनियर अधिकारी से भी बात की थी। उन्होंने दो या तीन दिन के अंदर जानकारी देने की बात कही थी, अभी तक उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। इस पर उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग रखी है।
‘कैप्टन नहीं कस पाए माफिया पर लगाम’
विधायक बैंस के अनुसार उन्होंने सूबे में चल रहे माफिया को लेकर एक सर्वे करवाया है। इस सर्वे में यह बात निकल कर सामने आई है कि सूबे में हर साल 65 से 70 हजार करोड़ का रेत और बजरी चोरी होता है। सत्ता में आने से पहले कैप्टन ने दावा किया था कि वह सूबे में ट्रांसपोर्ट माफिया पर लगाम कसेंगे, हैरानी की बात है कि माफिया और मजबूत हो चुका है।
सरकारी बसों को स्टैंड पर ढाई मिनट मिलते है, जबकि प्राइवेट कंपनी की बसें 10 मिनट रुकती हैं। सरकार इस पर लगाम कसे तो हर साल 15 हजार करोड़ का मुनाफा हो सकता है। केबल माफिया भी हर रोज तीन करोड़ की काली कमाई कर रहा है।