लोकसभा चुनाव फतह के बाद नमो का मिशन हरियाणा शुरू
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गुजरात मॉडल के दम पर केंद्र में सत्तासीन होने के बाद प्रधानमंत्री की नजर अब हरियाणा विधानसभा चुनाव पर है। प्रधानमंत्री से मिलने आए विभिन्न राज्यों के सांसदों में से नमो सबसे पहले हरियाणा के सांसदों से मिले और विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मोदी ने हरियाणा में सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी पर चल रहे घमासान की भी स्थिति जानी।
45 दिन केसरकार के कार्यकाल और सांसदों का अनुभव जानने के बाद मोदी की सांसदों से हुई बातचीत में यह साफ हो गया है कि सरकार लोकसभा चुनाव में परचम लहराने के बाद हरियाणा में कमल खिलाना चाहती है।
सांसदों को स्पष्ट निर्देश
सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपना पूरा समय विधानसभा चुनाव में दें। प्रत्येक सांसद के लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों पर सांसदों की परफारमेंस का आकलन होगा। इसमें गुड़गांव और फरीदाबाद के सांसदों से उम्मीदें ज्यादा हैं, क्योंकि यहां के दोनों सांसदों को केंद्रीय राज्यमंत्री केओहदे से भी नवाजा गया है।
हालांकि अंबाला के सांसद मंत्री बनते बनते रह गए लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्र की 27 समस्याओं को प्रधानमंत्री तक पहुंचा दिया है। कटारिया को आश्वासन मिला है कि उनके क्षेत्र की समस्याओं का समाधान होगा।
कटारिया ने मांग की है कि शिवालिक के क्षेत्र को पिछड़ा घोषित कर कालाअंब और बददी की तर्ज पर विकसित किया जाए तो यह भी गुड़गांव से कम नहीं रहेगा।