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अब मशीनों से होगा खनन

Thu, 11 Sep 2014 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल Updated Thu, 11 Sep 2014 12:14 AM IST
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Mining will do machines now
करनाल। जिले में रेत की माइनिंग शुरू हो गई है। इससे भाव में भी गिरावट आएगी और रेत की चोरी भी नहीं होगी। खनन माफिया भी कालाबाजारी नहीं कर सकेगा। इन दिनों रेत माइनिंग बंद होने से रेत के दाम आसमान छूने के कारण लोगों को मकान बनाने में परेशानी हो रही है।
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अब रेत की माइनिंग करने वाली कंपनी को नजदीक के सभी गांवों के लोगों की सुविधाओं, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, पानी का बुनियादी रूप से पूरा ध्यान रखना होगा। इसके अलावा कानून का उल्लंघन करने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। रेत की माइनिंग कानूनी आधार पर होनी चाहिए। यह बात डीसी बलराज सिंह ने फरीदपुर गांव में रेत माइनिंग संबंधी विषय पर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान कही।
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डीसी ने कहा कि सरकार की ओर से इस क्षेत्र के गांव लालूपुरा,पीर बडौली, सदरपुर, मुंडोगढ़ी, बहालपुर, बरसत व फरीदपुर की 1199 हेक्टेयर भूमि पर जय यमुना जी डेवलपर्स को रेत खनन करने का ठेका दिया गया है। ठेका देने  के साथ ही सरकार की ओर से कंपनी को इस क्षेत्र की सुविधाओं के लिए कईं हिदायतें दी है। जिनमें कहा गया है कि खनन कार्य खुली खदानों में मशीन की मद्द से किया जाएगा। नदी तट से लगभग 6667 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष खनिज का खनन होगा। जबकि कृषि भूमि से प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन खनन किया जाएगा। इस खदान में कुल 1602 श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर खनन अधिकारी माधुरी गुप्ता, प्रदीप भार्गव,तहसीलदार धर्मपाल राणा उपस्थित रहे।
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सड़क टूटेगी तो कंपनी ही बनवाएगी
डीसी ने ग्रामीणों को बताया कि कम्पनी को विशेष हिदायत दी गई है कि रेत की गाड़ी ओवरलोड न हो। यदि गाड़ियों से गांव की सड़के टूटती हैं तो वे कंपनी को बनवानी होगीं। धूल न उड़े उसके लिए प्रतिदिन रास्तों पर पानी का छिड़काव होना चाहिए। बरसात के दौरान खनन कार्य बंद रहेगा। नदी तट में खनन कार्य अधिकतम तीन मीटर तक होना चाहिए। इस क्षेत्र में पर्यावरण सुरक्षित बनाए रखने के लिए अधिक वृक्ष लगाए जाए व ध्वनि प्रदूषण न होने दें। उन्होंने कंपनी को निर्देश देते हुए कहा कि जहां पर श्रमिक रखें जाएंगे,वहां पर शौचालयों आदि की विशेष सुविधा हो। हर तीन महीने बाद लोगों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जाए।

आठ वर्ष के लिए दिया खनन का ठेका
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में जय यमुना जी डेवलपर्स द्वारा जो खनन का कार्य किया जाएगा। सरकार द्वारा सभी हिदायतें पूरी की गई है ताकि किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो।  इस कम्पनी को आठ वर्ष के लिए खनन कार्य का ठेका दिया गया है। यह ठेका इस कंपनी को चार करोड़ रुपये में दिया गया है। एक वर्ष में कम्पनी 80 लाख टन खनन निकालेगी।

आमजन को नहीं होगी किसी प्रकार की परेशानी
लोगों की सुविधा के लिए कंपनी द्वारा रास्तों पर प्रतिदिन 105 किलो लीटर पानी का छिड़काव किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण वायु जल व ध्वनि पर तीन लाख रुपये, पानी के छिड़काव पर तीन लाख रुपये, जल संरक्षण पर तीन लाख रुपये, वृक्षों की देखभाल के लिए एक लाख रुपये कंपनी द्वारा खर्च किए जाएंगे। कंपनी द्वारा इस क्षेत्र के लोगों की सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।


लोगों की मांग रेत के वाहन न जाए ओवरलोड
जन सुनवाई में इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने मांग की है कि रेत के वाहन ओवरलॉड न हो, गांव में गुजरते समय उनकी गति धीमी हो, यदि रेत की गाड़ियों द्वारा सड़के टूटती है तो कम्पनी द्वारा शीघ्र ठीक करवाई जाए। कम्पनी द्वारा इस क्षेत्र के लोगों को खनन के मामले में नाजायज तंग न किया जाए। लोगों के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएं। इस पर डीसी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि उनकी हर सुविधा का ध्यान रखा जाएगा।

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