मिल्खा सिंह ने डोपिंग पर खोला चौंकाने वाला सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेलों में डोपिंग के बढ़ रहे चलन पर उड़न सिख मिल्खा सिंह ने खिलाड़ियों के कोच और डॉक्टरों पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी डोपिंग में संलिप्त पाया जाता है, उसके कोच के साथ-साथ डॉक्टरों को भी सस्पेंड किया जाना चाहिए, क्योंकि कोच और डॉक्टरों की मदद के बिना डोपिंग संभव ही नहीं है।
सिटी की एक महिला वेटलिफ्टर के डोपिंग में फंसने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि खेल में कैंसर जैसी इस गंभीर बीमारी को दूर करने के लिए भारतीय ओलंपिक महासंघ (आईओए) को कड़े कदम उठाने होंगे और खेल एसोसिएशन को भी गंभीर होना होगा। कड़े एक्शन लेने से ही खेल में अनुशासन बरकरार रह सकता है।
नाडा पर भी उठाए सवाल
मिल्खा सिंह ने नाडा (डोपिंग टेस्ट एजेंसी) द्वारा लगाए जाने वाले जागरूकता सेमिनार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अब समय जागरूकता सेमिनार का नहीं, बल्कि ‘एक्शन’ लेने का है। जब तक कड़े एक्शन नहीं लिए जाएंगे, तब तक डोपिंग का डंक रुक नहीं सकता है।
चंडीगढ़ की वेटलिफ्टर पर भी है डोप का डंक
नेशनल गेम्स में 75 किलो में रजत पदक जीतने वाली मणिपुर मूल की चंडीगढ़ की वेटलिफ्टर मंगते पी. कॉम हाल में ही एक नहीं, बल्कि पांच स्टेरायड के लिए डोप में पॉजिटिव पाई गई हैं। मंगते जूनियर स्तर पर देश की बड़ी लिफ्टर रह चुकी हैं। उन्होंने जूनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता है। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत मणिपुर से की थी, लेकिन चंडीगढ़ के वेटलिफ्टर हरप्रीत सिंह से शादी करने के बाद वह इसी शहर में रहकर यहीं के लिए खेलने लगीं।