चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में दूध ब्रांड वार, कई कंपनियां मैदान में
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ट्राइसिटी में दूध के कारोबार पर काफी समय से वेरका का वर्चस्व रहा है। लेकिन, पिछले कुछ समय से कई दूध कंपनियां मार्केट में आईं हैं। दूध के बाजार पर हिस्सेदारी को लेकर ट्राइसिटी में दुग्ध कंपनियों में लड़ाई छिड़ी हुई है। वहीं, हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के दूध उत्पाद वीटा का ट्राइसिटी में दूसरा स्थान है।
इसके बावजूद कई कंपनियों ने यहां अपना दूध और उससे निर्मित उत्पाद लॉन्च किए हैं। पिछले महीने ही दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के लिए जानी जाने वाली कंपनी अमूल इंडिया ने भी ट्राइसिटी के मार्केट में अपना दूध लॉन्च किया है। वेरका को जहां अब तक वीटा से ही मामूली टक्कर मिल रही थी वहीं अमूल के आने से काफी हद तक असर पड़ने के आसार हैं।
पंजाब और हरियाणा को दूध के लिए जाना जाता है। यहां दूध और उससे बनने वाले उत्पादों की डिमांड देशभर के अन्य राज्यों में सबसे ज्यादा है। आंकड़ों पर गौर करें तो ट्राइसिटी में दूध बाजार के करीब 75 फीसदी मार्केट पर वेरका कई वर्षों से कब्जा है। वीटा दूसरे नंबर पर है। उसका बाजार शेयर करीब 20 फीसदी है। इसके बाद शेष 5 प्रतिशत के बाजार हिस्से पर अमूल, मदर डेरी और अन्य कंपनियां आती हैं।
अमूल देगी वेरका को टक्कर
देश की नामी कंपनी अमूल इंडिया ने नार्थ इंडिया में कदम रखते हुए पिछले वर्ष ही पंजाब रीजन में दस्तक दी है। वर्ष 2015 में पंजाब के विभिन्न शहरों में लॉन्च करने के बाद कंपनी ने इसी साल जनवरी में चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) दूध बाजार में कदम रखा है। अमूल यहां अब वेरका को टक्कर देने के लिए तैयार है। फिलहाल अभी अमूल का सामना वेरका के बाद मार्केट पर कब्जा जमाए दूध कंपनियों से होगा। साथ ही कंपनी आने वाले दिनों में दही और अन्य उत्पाद भी लॉन्च करने जा रही है।
5 लाख लीटर है ट्राइसिटी की दूध की खपत
ट्राइसिटी में एक दिन में करीब 5 लाख लीटर दूध की खपत होती है। इसमें बड़े ब्रांड के अलावा कई छोटी कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले दूधियों का भी अच्छी डिमांड है। वहीं ट्राइसिटी में कई नामी स्वीट्स शॉप भी खुले दूध की अच्छी बिक्री करते हैं।
अमूल ने अभी ट्राइसिटी के बाजार में कदम रखा है। कंपनी ने अभी दूध की 3 वैरायटी लॉन्च की है। कंपनी की रणनीति होगी कि लोगों को रोजाना के इस्तेमाल में आने वाले उत्पाद के लिए कहीं दूर न जाना पड़े। उन्हें घर के पास ही दूध उपलब्ध हो जाए। इसके अलावा कंपनी अगले 3 महीने में अपने रिटेल आउटलेट की संख्या 15 से बढ़ाकर 50 कर देगी।
- तनुज शर्मा प्रोडक्ट मैनेजर, अमूल इंडिया
लोग बढ़ते हैं तो डिमांड भी बढ़ती है। बेशक अमूल देश में बड़ा नाम है, लेकिन फिलहाल वेरका की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा है। कोई फेम्स ब्रांड लॉन्च होने से लोग इसका टेस्ट जरूर करते हैं, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल ग्राहकों पर ही निर्भर करता है। शहर में कई ब्रांड आए, लेकिन वेरका की बिक्री कभी गिरी नहीं। बल्कि लगातार बढ़ती ही रही है। बहुत जल्द वेरका के मोहाली स्थित प्लांट का एक्सपेंशन किया जाएगा। इसकी प्रतिदिन की क्षमता 5 लाख लीटर दूध की है। इसे बढ़ाकर 10 लाख किया जाएगा।
- मंजीत बराड़, एमडी, मिल्कफेड (वेरका)
मार्केट में दूध की जंग, लोगों की निकली चांदी
दूध की जंग में कई नामी दूध उत्पादक कंपनियों की दस्तक देने से शहर के बाजार में मुकाबला रोमांचक हो गया है। इससे जहां लोगों को फ्रेश दूध बजट में मिलने की राह आसान हुई है, वहीं दुकानदारों को भी मोटा मुनाफा हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और दूध उत्पादों के रेट में कटौती हो सकती है।
शहर में पहले वेरका का एकछत्र राज था, लेकिन कुछ समय से मार्केट में बदलाव आना शुरू हुआ है। अब अमूल जैसी देश की नामी दूध कंपनी ट्राइसिटी की मार्केट में आ गई है। वहीं, कई छोटे दूग्ध उत्पादक कंपनियों ने वेरका को चुनौती देनी शुरू कर दी है। इसके अलावा दूधियों की अपनी मार्केट भी है। हालांकि, वेरका ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है।
वेरका ने पहले ब्रांडिंग पर जोर दिया था, जबकि अब लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। वेरका अधिकारियों के मुताबिक ट्राइसिटी की मार्केट उनके लिए महत्वपूर्ण है। वह अपनी रिटेलरों की संख्या को बढ़ा रहे हैं। इसके तहत शहर के विभिन्न फेजों में बूथों की संख्या बढ़ाई गई है। 40 नए बूथ खोलने की तैयारी है।
इसके बाद वेरका के बूथो की संख्या 180 तक पहुंच जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, अमूल 25 प्रतिशत मार्केट पर कब्जा करने की तैयारी में है। अमूल के करीब 1200 रिटेलर हैं। इनकी संख्या बढ़ाने पर अमूल विचार कर रहा है। जिक्रयोग है कि अमूल के पंजाब ऑपरेशन संभाल रहे डॉ. जेएस पंजरथ एक तो पहले वेरका के एमडी रह चुके हैं, जबकि दूध क्रांति के जनक डॉ. कूरियन के भी सहयोगी रही हैं।
वेरका और अमूल में होर्डिंग जंग शुरू
वेरका और अमूल में होडिंग जंग भी शुरू हो गई है। वेरका ने अमूल को टक्कर देने के लिए पूरे शहर में होर्डिंग लगवा दिए हैं। वहीं, वेरका ने अपनी पंच लाइन बनाई है ‘पंजाब दा दिल भी प्योर, दूध भी प्योर’, जबकि अमूल की पंच लाइन है ‘टेस्ट इंडिया का’।
ट्राइसिटी की दूध मार्केट
ऑरगेनाइज्ड मिल्क मार्केट-पांच लाख लीटर प्रति दिन
अनऑरगेनाइल्ड मार्केट-15 से 20 लाख ली प्रति दिन
वेरका का शेयर-75 प्रतिशत तक ऑरगेनाइज्ड मार्केट
वीटा का शेयर- पांच प्रतिशत
इसके अलावा अन्य मार्केटों का है।
अमूल लस्सी से दे रहा है टक्कर
अमूल दूध उत्पादों में भी वेरका व अन्य कंपनियों को टक्कर दे रहा है। अमूल जहां 20 रुपये में प्रति लीटर लस्सी मुहैया करवा रहा है, वहीं वेरका 25 रुपये प्रति लीटर मुहैया करवा जा रहा है। सूत्रों की माने तो वेरका आने वाले कुछ दिनों रेट गिराने की तैयारी में है।
दुकानदारों की निकली चांदी
मार्केट में नामी दूध कंपनियों के उतरने से दुकानदारों का फायदा हो रहा है। वेरका के एक रिटेलर सौरभ कुरमी ने बताया कि वह कई वर्ष से वेरका के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन, प्रति कैरेट उन्हें चार रुपये तक मुनाफा होता था। अब मार्केट में प्लेयर आने से वेरका से उन्हें सीधे लाभ 14 रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा वेरका वाले शिकायतों को भी सुन रहे हैं, जबकि पहले ऐसा बिल्कुल भी नहीं था।
ऐसे करवाए दूध की फ्री जांच
शहर में डेयरी विकास विभाग फ्री में लोगों के दूध की चेकिंग करता है। डेयरी विभाग दूध की जांच के लिए समय-समय पर कैंप लगाता है। दूध जांच कैंप के लिए लोगों को 0172-2700228 पर कॉल कर सकते हैं।
गोबिंद और तलवार डेयरी भी दे रहे टक्कर
चंडीगढ़ में वेरका और अमूल के साथ ही कुछ लोकल सप्लायर भी कड़ी टक्कर देने की तैयारी में जुट गए हैं। मिल्क प्रोडक्ट में ट्राइसिटी के दो बड़े ब्रांड गोबिंद और तलवार डेयरी ने ग्राहकों का भरोसा कायम रखा है।
गोबिंद डेयरी ने शुरू किया दूध पैकेट, ब्रांडेड कंपनियों की कड़ी टक्कर
शहर में नामी ब्रांड से मुकाबले के लिए महीना भर पहले ही गोबिंद डेयरी ने पैकेट बंद दूध की सप्लाई शुरू कर दी है। इस डेयरी के मालिक सुखवंत सिंह ने बताया कि फतेहगढ़ साहिब में प्लांट लगाया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में हर रोज चार से पांच हजार लीटर दूध की आपूर्ति करते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में प्रतिदिन 10 से 15 हजार लीटर दूध की सप्लाई करना है।
सुखवंत सिंह ने बताया कि वेरका की तरह ही जल्द गोबिंद डेयरी पैक बंद दही, खीर और घी भी बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। पैकेट बंद दूध शुरू करने के सवाल पर उन्होंने बताया कि इसकी लाइफ खुले दूध से अधिक है। साथ ही इसे ग्राहकों को साथ ले जाना आसान रहता है। गोबिंद डेयरी में प्रति लीटर 40 रुपये रेट है।
तलवार डेयरी में 700-800 लीटर प्रतिदिन दूध की खपत
शहर में ब्रांडेड कंपनियों के साथ ही तलवार डेयरी का भी लोगों में खासा क्रेज है। इसके मालिक हरजिंदर सिंह तलवार ने बताया कि प्रतिदिन 700 से 800 लीटर दूध की सेल हो जाती है। तलवार डेयरी में दूध का रेट 44 रुपये प्रति लीटर है।
सेक्टर-15 स्थित तलवार डेयरी पर आसपास के सेक्टरों के काफी लोग दूध खरीदते हैं। तलवार के अनुसार दूध की सेक्टर-4,6,7,8,9,1015,16 सेक्टरों में होम डिलीवरी भी की जाती है। तलवार के अनुसार अभी उनकी पैकेट बंद दूध शुरू करने की योजना नहीं है।