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PU को होली का तोहफा, 140 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:50 AM IST
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Panjab University
- फोटो : File Photo
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जबर्दस्त वित्तिय संकट से जूझ रही पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए दिल्ली से राहत भरी खबर आई है। शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) को तुरंत प्रभाव से 140 करोड़ रुपये की इमरजेंसी ग्रांट जारी करने के आदेश दे दिए हैं।
जावड़ेकर ने यह आदेश सांसद किरण खेर के आग्रह पर जारी किए हैं। शुक्रवार को सांसद किरण खेर ने दिल्ली में एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर पीयू के वित्तिय संकट की विस्तार से बात रखी। सांसद खेर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी उनकी मातृ संस्था है। पीयू के इस वित्तिय संकट से वह भली भांति परिचित हैं। हालांकि पंजाब यूनिवर्सिटी अथोरिटी अपनी बकाया 30.5 करोड़ रुपये के ग्रांट की मांग कर रही थी। लेकिन वित्तिय संकट से उभारने के लिए एमएचआरडी ने 140 करोड़ रुपये की वन टाइम ग्रांट जारी करने के आदेश दिए हैं।
सांसद किरण खेर ने ग्रांट जारी करने पर एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर का आभार व्यक्त किया। इससे पहले खेर ने 7 मार्च को भी पीयू की बकाया ग्रांट जारी करने के लिए एमएचआरडी को चिट्ठी लिखी थी। पीयू की ग्रांट का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट लगातार इस मामले में यूजीसी को फटकार लगाता रहा है।
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जावड़ेकर ने यह आदेश सांसद किरण खेर के आग्रह पर जारी किए हैं। शुक्रवार को सांसद किरण खेर ने दिल्ली में एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर पीयू के वित्तिय संकट की विस्तार से बात रखी। सांसद खेर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी उनकी मातृ संस्था है। पीयू के इस वित्तिय संकट से वह भली भांति परिचित हैं। हालांकि पंजाब यूनिवर्सिटी अथोरिटी अपनी बकाया 30.5 करोड़ रुपये के ग्रांट की मांग कर रही थी। लेकिन वित्तिय संकट से उभारने के लिए एमएचआरडी ने 140 करोड़ रुपये की वन टाइम ग्रांट जारी करने के आदेश दिए हैं।
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सांसद किरण खेर ने ग्रांट जारी करने पर एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर का आभार व्यक्त किया। इससे पहले खेर ने 7 मार्च को भी पीयू की बकाया ग्रांट जारी करने के लिए एमएचआरडी को चिट्ठी लिखी थी। पीयू की ग्रांट का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट लगातार इस मामले में यूजीसी को फटकार लगाता रहा है।
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ग्रांट के साथ हिदायत भी
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़।
- फोटो : डेमो फोटो
ग्रांट के साथ हिदायत भी
मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ग्रांट जारी करने के आदेश देने के साथ ही पीयू को अपने संसाधन बढ़ाने के लिए नया सिस्टम तैयार करने की हिदायत भी दी ताकि इस तरह की परिस्थितियां दोबारा कभी उत्पन्न न हों। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूजीसी दोबारा-दोबारा इस तरह ग्रांट नहीं दे सकती। हालांकि पीयू प्रशासन पहले से ही फीस में बड़ी वृद्घि करने का प्रस्ताव तैयार कर चुका है। इसकेअलावा भी आय के साधन बढ़ाने के लिए सभी विभागाध्यक्षों से सुझाव मांगे गए थे।
एग्जामिनेशन फीस से दी सैलरी
यूजीसी से 30.5 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी नहीं हो सकने के कारण पीयू स्टाफ को फरवरी महीने की सैलरी सप्ताह भर बीतने तक नहीं मिली थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एग्जामिनेशन के लिए जुटी फीस से ही सेलरी जारी करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों पर ही स्टाफ को सैलरी मिल पाई थी। फीस से सैलरी दिए जाने के बाद परीक्षा संचालन कैसे होगा यह संकट खड़ा हो गया था। अब 140 करोड़ मिलने के बाद पीयू का वित्तिय संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
बंसल ने भी लगाया था आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी पीयू की हालत पर वीरवार को बयान जारी किया था। उन्होंने यूजीसी पर सौतेला व्यव्हार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने ब्यान में कहा था कि यूजीसी हर साल यूनिवर्सिटीज को 15 प्रतिशत वृद्घि के साथ ग्रांट जारी करती है। लेकिन पीयू की ग्रांट में यह वृद्घि नहीं होती। राजनीतिक मुद्दा बनते देख सांसद किरण खेर ने शुक्रवार को ही जावड़ेकर से मिलकर ग्रांट जारी करवा दी।
मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ग्रांट जारी करने के आदेश देने के साथ ही पीयू को अपने संसाधन बढ़ाने के लिए नया सिस्टम तैयार करने की हिदायत भी दी ताकि इस तरह की परिस्थितियां दोबारा कभी उत्पन्न न हों। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूजीसी दोबारा-दोबारा इस तरह ग्रांट नहीं दे सकती। हालांकि पीयू प्रशासन पहले से ही फीस में बड़ी वृद्घि करने का प्रस्ताव तैयार कर चुका है। इसकेअलावा भी आय के साधन बढ़ाने के लिए सभी विभागाध्यक्षों से सुझाव मांगे गए थे।
एग्जामिनेशन फीस से दी सैलरी
यूजीसी से 30.5 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी नहीं हो सकने के कारण पीयू स्टाफ को फरवरी महीने की सैलरी सप्ताह भर बीतने तक नहीं मिली थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एग्जामिनेशन के लिए जुटी फीस से ही सेलरी जारी करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों पर ही स्टाफ को सैलरी मिल पाई थी। फीस से सैलरी दिए जाने के बाद परीक्षा संचालन कैसे होगा यह संकट खड़ा हो गया था। अब 140 करोड़ मिलने के बाद पीयू का वित्तिय संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
बंसल ने भी लगाया था आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी पीयू की हालत पर वीरवार को बयान जारी किया था। उन्होंने यूजीसी पर सौतेला व्यव्हार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने ब्यान में कहा था कि यूजीसी हर साल यूनिवर्सिटीज को 15 प्रतिशत वृद्घि के साथ ग्रांट जारी करती है। लेकिन पीयू की ग्रांट में यह वृद्घि नहीं होती। राजनीतिक मुद्दा बनते देख सांसद किरण खेर ने शुक्रवार को ही जावड़ेकर से मिलकर ग्रांट जारी करवा दी।