हरियाणाः दो दिन भूख हड़ताल, 5 दिन ग्रामीणों से संपर्क, 23 को बड़ा फैसला लेंगे रोडवेज कर्मी
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ग्रामीण रूटों पर बसों के रात्रि ठहराव को बंद करने और ओवरटाइम जैसे मसालों पर हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी ने बुधवार को सात घंटे तक मंथन किया। बाबूलाल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया है कि प्रदेश सरकार के कर्मचारी और जनता विरोधी फैसलों के खिलाफ रोडवेज कर्मी 13 और 14 दिसंबर को सभी डिपो में दो दिन भूख हड़ताल करेंगे।
इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का रात्रि ठहराव बंद के विरोध में सात से 12 दिसंबर तक ग्रामीणों से संपर्क करके उन्हें इसके नुकसान के बारे में बताएंगे और धरना देंगे। 23 दिसंबर को करनाल में बड़ी रैली करेंगे, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि इस रैली में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने जैसा फैसला किया जा सकता है।
बैठक में प्रदेश के कई डिपो से आए प्रधान व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। 11 बजे बंद कमरे में तालमेल कमेटी के सदस्यों की बैठक शुरू हुई। इस दौरान एक-एक करके सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और आदेशों पर मंथन किया गया। मुद्दा उठाया गया कि सरकार ने सभी डिपो में लगे अस्थायी चालकों को हटाने का आदेश दिया है, जबकि अधिकतर डिपो के महाप्रबंधक जरूरत के हिसाब से चालक व परिचालकों की मांग भेज रहे हैं।
जाहिर है कि पिछले16 दिन तक की गई हड़ताल से सरकार बौखला गई है। इस तरह के फैसला लेकर सरकार रोडवेज कर्मियों को हतोत्साहित करना चाहती है। इस पर एक सुर में फैसला लिया गया कि सरकार के मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे। सरकार ने ओवरटाइम खत्म करके जनता की परेशानी बढ़ा दी है। इस कारण बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार रोडवेज को खत्म करके निगम बनाना चाहती है। ठेके पर बसों का संचालन करवाना चाहती है।
बैठक में तालमेल कमेटी के बाबूलाल यादव, इंद्र बधाणा, वीरेंद्र धनखड़, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, सरबत पूनिया, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल आदि नेताओं ने सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्मचारी व जनविरोधी फैसलों की निंदा की। बैठक में सामूहिक रूप से चरणबद्ध आंदोलन करने का फैसला लिया।