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मेडिकल यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन बनाने की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला/फरीदकोट
Updated Sat, 06 Sep 2014 10:09 PM IST
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बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में शनिवार को देश भर की हेल्थ यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों का चौथा दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हो गया।
इसका रस्मी उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और डायरेक्टर जनरल आईसीएमआर डॉ. वीएम कटोच ने किया। इस दौरान तमाम हेल्थ यूनिवर्सिटियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की तर्ज पर मेडिकल यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (एमयूजीसी) गठित करने की मांग रखी।
इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव डॉ. कटोच ने कहा कि मेडिकल साइंस के युग में नई खोजों के लिए हेल्थ यूनिवर्सिटियों की तरफ से प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की जरूरत है। यूजीसी की तर्ज पर एमयूजीसी का गठन करके हेल्थ यूनिवर्सिटियों की भी आर्थिक जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए ताकि यह बेहतर ढंग से काम कर सके। उन्होंने राज्य सरकारों से भी हेल्थ यूनिवर्सिटियों को अधिक से अधिक ग्रांट मुहैया करवाने का आह्वान किया।
एसोसिएशन ऑफ हेल्थ यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र मेडिकल यूनिवर्सिटी नासिक के वीसी डॉ. अरुण जामकार ने मेडिकल यूनिवर्सिटियों के लिए अलग ग्रांट कमीशन गठित करने, इंटर यूनिवर्सिटी समझौता करने, स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार लाने, आत्मनिर्भरता की संभावना, खोज कार्यों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने समेत मेडिकल और पैरा मेडिकल शिक्षा की ट्रेनिंग के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से सहयोग मांगा। इससे पहले सम्मेलन की मेजबान बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एसएस गिल ने सभी का स्वागत किया।
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सम्मेलन में पंडित बीडी शर्मा हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक के वीसी डॉ. एसएस संगवान, मध्यप्रदेश यूनिवर्सिटी जबलपुर के वीसी डॉ. जीपी लोकवानी, रायपुर यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. जीबी गुप्ता, लखनऊ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. रविकांत, कोलकाता यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. बी बिश्वास, सीएमसी लुधियाना के डॉ. तेजिंदर सिंह, केरल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. आईपीई वर्जिश, यूजीसी के प्रतिनिधि और जीएनडीयू अमृतसर के वीसी डॉ. एस बराड़, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डॉ. अमित बनर्जी, एमसीआई के प्रतिनिधि डॉ. बीएस औलख, डीसीआई के प्रतिनिधि डॉ. एसपीएस सोढी, आईएनसी के उपाध्यक्ष डॉ. आशा शर्मा, रजिस्ट्रार महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी डॉ. के गरकल, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. सुनील, डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट मोहम्मद तैयब समेत बाबा फरीद विवि के डीन डॉ. पीएस संधू, परीक्षा कंट्रोलर डॉ. रविंदर शुक्ला, प्रिंसिपल गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज डॉ. गुरमीत कौर मौजूद रहे।
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इसका रस्मी उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और डायरेक्टर जनरल आईसीएमआर डॉ. वीएम कटोच ने किया। इस दौरान तमाम हेल्थ यूनिवर्सिटियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की तर्ज पर मेडिकल यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (एमयूजीसी) गठित करने की मांग रखी।
इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव डॉ. कटोच ने कहा कि मेडिकल साइंस के युग में नई खोजों के लिए हेल्थ यूनिवर्सिटियों की तरफ से प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की जरूरत है। यूजीसी की तर्ज पर एमयूजीसी का गठन करके हेल्थ यूनिवर्सिटियों की भी आर्थिक जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए ताकि यह बेहतर ढंग से काम कर सके। उन्होंने राज्य सरकारों से भी हेल्थ यूनिवर्सिटियों को अधिक से अधिक ग्रांट मुहैया करवाने का आह्वान किया।
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एसोसिएशन ऑफ हेल्थ यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र मेडिकल यूनिवर्सिटी नासिक के वीसी डॉ. अरुण जामकार ने मेडिकल यूनिवर्सिटियों के लिए अलग ग्रांट कमीशन गठित करने, इंटर यूनिवर्सिटी समझौता करने, स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार लाने, आत्मनिर्भरता की संभावना, खोज कार्यों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने समेत मेडिकल और पैरा मेडिकल शिक्षा की ट्रेनिंग के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से सहयोग मांगा। इससे पहले सम्मेलन की मेजबान बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एसएस गिल ने सभी का स्वागत किया।
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सम्मेलन में पंडित बीडी शर्मा हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक के वीसी डॉ. एसएस संगवान, मध्यप्रदेश यूनिवर्सिटी जबलपुर के वीसी डॉ. जीपी लोकवानी, रायपुर यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. जीबी गुप्ता, लखनऊ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. रविकांत, कोलकाता यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. बी बिश्वास, सीएमसी लुधियाना के डॉ. तेजिंदर सिंह, केरल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. आईपीई वर्जिश, यूजीसी के प्रतिनिधि और जीएनडीयू अमृतसर के वीसी डॉ. एस बराड़, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डॉ. अमित बनर्जी, एमसीआई के प्रतिनिधि डॉ. बीएस औलख, डीसीआई के प्रतिनिधि डॉ. एसपीएस सोढी, आईएनसी के उपाध्यक्ष डॉ. आशा शर्मा, रजिस्ट्रार महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी डॉ. के गरकल, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. सुनील, डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट मोहम्मद तैयब समेत बाबा फरीद विवि के डीन डॉ. पीएस संधू, परीक्षा कंट्रोलर डॉ. रविंदर शुक्ला, प्रिंसिपल गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज डॉ. गुरमीत कौर मौजूद रहे।