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एमसी चुनाव: उम्मीदवारों पर मंथन जारी, पुराने नेताओं का रहेगा दबदबा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Oct 2016 09:23 AM IST
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MC Election 2016
- फोटो : अमर उजाला
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हैवी वेट पार्षदों का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक दल अपनी पार्टी के नेताओं के नामों पर मंथन कर रहा है जिन्हें विरोधी दल के दिगगजों के खिलाफ मैदान में उतारा जा सके। इसके पीछे की रणनीति यह है कि दिग्गज को उसके वार्ड में ब्लॉक कर दिया जाए ताकि दिग्गज नेता अपने वार्ड के अलावा अन्य वार्ड में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए जाकर प्रचार न कर सके।
वार्ड नंबर-8 : इस समय वार्ड नंबर-8 से मेयर अरुण सूद वार्ड पार्षद है। नगर निगम चुनाव में टिकट आवंटन में भी सूद की भूमिका रहेगी। इस वार्ड से कांग्रेस अपने किसी दिग्गज नेता को मैदान में उतारने का विचार बना रही है ऐसे में पूर्व मेयर सुभाष चावला को कांग्रेस मैदान में उतारने का विचार कर रही है।
चावला वार्ड नंबर-5 से पार्षद है, यह वार्ड एससी के लिए रिजर्व हो गया है। वार्ड नंबर-4 जहां से चावला निवासी यह वार्ड भी महिला के लिए रिजर्व हो गया है ऐेसे में चावला के पास कोई भी सीट ऐसी नहीं बची है जहां से वह चुनाव लड़ सके ऐसे में पार्टी के सीनियर नेता भी चाह रहे है कि चावला को सूद के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए भेजा जाए। कांग्रेस मान रही है कि ऐसा होने पर जो पार्टी के भीतर सूद के खिलाफ है वह भी चुनाव में कांग्रेस की मदद करेंगे। मालूम हो कि सूद की अपने पार्टी के पार्षदों से नहीं बनती है। सूद टंडन गुट के सबसे सीनियर नेता है इसलिए जैन और धवन गुट भी पार्टी के अंदर सीधा सूद को टारगेट में रखते हैं। पिछली बार इस वार्ड नंबर-8 से कांग्रेस के राजेश शर्मा ने चुनाव लड़ा था। इस बार भी राजेश शर्मा दावेदार है।
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वार्ड नंबर-8 : इस समय वार्ड नंबर-8 से मेयर अरुण सूद वार्ड पार्षद है। नगर निगम चुनाव में टिकट आवंटन में भी सूद की भूमिका रहेगी। इस वार्ड से कांग्रेस अपने किसी दिग्गज नेता को मैदान में उतारने का विचार बना रही है ऐसे में पूर्व मेयर सुभाष चावला को कांग्रेस मैदान में उतारने का विचार कर रही है।
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चावला वार्ड नंबर-5 से पार्षद है, यह वार्ड एससी के लिए रिजर्व हो गया है। वार्ड नंबर-4 जहां से चावला निवासी यह वार्ड भी महिला के लिए रिजर्व हो गया है ऐेसे में चावला के पास कोई भी सीट ऐसी नहीं बची है जहां से वह चुनाव लड़ सके ऐसे में पार्टी के सीनियर नेता भी चाह रहे है कि चावला को सूद के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए भेजा जाए। कांग्रेस मान रही है कि ऐसा होने पर जो पार्टी के भीतर सूद के खिलाफ है वह भी चुनाव में कांग्रेस की मदद करेंगे। मालूम हो कि सूद की अपने पार्टी के पार्षदों से नहीं बनती है। सूद टंडन गुट के सबसे सीनियर नेता है इसलिए जैन और धवन गुट भी पार्टी के अंदर सीधा सूद को टारगेट में रखते हैं। पिछली बार इस वार्ड नंबर-8 से कांग्रेस के राजेश शर्मा ने चुनाव लड़ा था। इस बार भी राजेश शर्मा दावेदार है।
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सूद के खिलाफ चावला, जसवाल के खिलाफ पूनम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार
pradeep chabra and sanjay tandon
- फोटो : file photo
वार्ड नंबर-3 : वार्ड नंबर-3 से इस समय कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पार्षद है। छाबड़ा पिछले 15 साल से लगातार इस सीट से पार्षद बनते आए हैं। इस वार्ड से भाजपा किसी हैवी वेट उम्मीदवार को ही मैदान में उतारना चाह रही है। हालांकि, छाबड़ा ने इस बार चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। लेकिन पार्टी की ओर से छाबड़ा पर दबाव बन रहा है कि वह ही इस सीट पर फिर से चुनाव लड़े।
छाबड़ा अपनी पत्नी को भी मैदान में उतार सकते है। ऐसे में भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरा जोर लगाने के मूड में हैं। दिग्गज नेता को उतार कर वह छाबड़ा को इस वार्ड तक ही सीमित रखना चाहती है। छाबड़ा को अध्यक्ष के तौर पर दूसरे वार्ड में भी जाना होगा। इसके साथ ही अध्यक्ष के तौर पर छाबड़ा के लिए इस सीट पर फिर से जीत दर्ज करना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा की ओर से इस सीट के लिए प्रिंस भंढुला, कैलाश जैन, डॉ. एपी सांवरिया और राजीव अवस्थी दावेदार है।
वार्ड नंबर- 15 : वार्ड नंबर-15 पर अकाली पार्षद हरजिंदर कौर का कब्जा है। जब से नगर निगम का गठन हुआ है हरजिंदर कौर एक भी चुनाव नहीं हारी हैं। ऐसे में कांग्रेस यहां से किसी दिग्गज को मैदान में उतारेगी। यह वार्ड महिला के लिए रिजर्व हो गया है। ऐेसे में हरजिंदर कौर फिर से मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से वकील एएस गुजराल की पत्नी रविंदर कौर को मैदान में उतारा जा सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस इस वार्ड से किसी प्रतिष्ठित महिला को भी तलाश रही है जिन्हें कांग्रेस की टिकट दी जा सके। जबकि, वार्ड नंबर-22 से सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल के खिलाफ भी कांग्रेस किसी दिग्गज को मैदान मे उतारेगी। इस सीट से जितेंद्र भाटिया और कांग्रेस के महासचिव संदीप भारद्वाज दावेदार है।
छाबड़ा अपनी पत्नी को भी मैदान में उतार सकते है। ऐसे में भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरा जोर लगाने के मूड में हैं। दिग्गज नेता को उतार कर वह छाबड़ा को इस वार्ड तक ही सीमित रखना चाहती है। छाबड़ा को अध्यक्ष के तौर पर दूसरे वार्ड में भी जाना होगा। इसके साथ ही अध्यक्ष के तौर पर छाबड़ा के लिए इस सीट पर फिर से जीत दर्ज करना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा की ओर से इस सीट के लिए प्रिंस भंढुला, कैलाश जैन, डॉ. एपी सांवरिया और राजीव अवस्थी दावेदार है।
वार्ड नंबर- 15 : वार्ड नंबर-15 पर अकाली पार्षद हरजिंदर कौर का कब्जा है। जब से नगर निगम का गठन हुआ है हरजिंदर कौर एक भी चुनाव नहीं हारी हैं। ऐसे में कांग्रेस यहां से किसी दिग्गज को मैदान में उतारेगी। यह वार्ड महिला के लिए रिजर्व हो गया है। ऐेसे में हरजिंदर कौर फिर से मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से वकील एएस गुजराल की पत्नी रविंदर कौर को मैदान में उतारा जा सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस इस वार्ड से किसी प्रतिष्ठित महिला को भी तलाश रही है जिन्हें कांग्रेस की टिकट दी जा सके। जबकि, वार्ड नंबर-22 से सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल के खिलाफ भी कांग्रेस किसी दिग्गज को मैदान मे उतारेगी। इस सीट से जितेंद्र भाटिया और कांग्रेस के महासचिव संदीप भारद्वाज दावेदार है।