सलाम: इधर ग्रुप कैप्टन जीएस चीमा को आखिरी विदाई, उधर इसी दिन बेटी का नेवी में चयन
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दो दिन पहले पटियाला में एनसीसी कैडेट्स को जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण देने के दौरान एयरक्राफ्ट क्रैश में शहीद हुए एयर स्क्वाड्रन-3 एनसीसी यूनिट पटियाला के ग्रुप कैप्टन जीएस चीमा का बुधवार को सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर मंगलवार देर शाम गांव आलोवाल पहुंचा।
इस दौरान शहीद की मां सर्वजीत कौर और पत्नी नवनीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं बुधवार को शहीद की 22 वर्षीय बेटी कुंजदीप कौर का नेवी में सिलेक्शन हो गया। कुंजदीप ने मंगलवार को पटियाला पहुंचकर अपने शहीद पापा को श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार को उसका दिल्ली में मेडिकल था, जिसमें पास होकर वह नेवी में चयनित हो गई।
शहीद की चिता को उनके 13 वर्षीय बेटे भवगुरनीत सिंह ने मुखाग्नि दी। भवगुरनीत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने पापा की शहादत पर गर्व है और वे खुद भी एक सैनिक बनकर देश सेवा को प्राथमिकता देंगे। 2 दिन पहले ही उनकी फोन पर पापा से बात हुई थी। उन्हें कहा था कि एग्जाम ठीक देना। वह हमेशा कहते थे कि जिंदगी में अगर मुझे कुछ हो गया तो कभी अपनी आंखों में आंसू मत लाना।
इस अवसर पर पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से विंग कमांडर रिंकू डोगरा के नेतृत्व में एयरफोर्स के जवानों व तिब्बड़ी कैंट से कैप्टन अभिषेक की कमांड में टू-जैक राइफल्स के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर हवा में गोलियां दागते हुए शहीद को अंतिम सलामी दी।
एयरफोर्स स्टेशन पठानकोट के एयर ऑफिसर कमांडर एयर कमोडोर जेटी कुरियां, डीजी एनसीसी की तरफ से ब्रिगेडियर आरके मोर, विंग कमांडर तलसानिया, ग्रुप कैप्टन विकास सैनी, विंग कमांडर संजीव कुमार शर्मा, ग्रुप कैप्टन ललित भारद्वाज, कर्नल आईएएस पन्नू, जिला प्रशासन की तरफ से डीसी मोहम्मद इशफाक, एसडीएम सकत्तर सिंह बल्ल, तहसीलदार धारीवाल निर्मल सिंह के अलावा शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, मार्किट कमेटी धारीवाल के चेयरमैन कंवर प्रताप सिंह गिल ने शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर जिलाधीश मोहम्मद इशफाक ने कहा कि शहीद ग्रुप कैप्टन जीएस चीमा जैसे जांबाज देश के रियल हीरो हैं। पंजाब सरकार व जिला प्रशासन शहीद के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। शहीद की माता सर्वजीत कौर ने बताया कि नौकरी के दौरान उनके बेटे ने बहुत जहाज उड़ाए। वह जनवरी में आया था और मुझे एक कोट लेकर दे गया था। परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर विक्की ने कहा कि ग्रुप कैप्टन जीएस चीमा की शहादत को शाश्वत रखने हेतु गांव में उनकी कोई यादगार बननी चाहिए।
फूट-फूट कर रोए सहपाठी
शहीद ग्रुप कैप्टन जीएस चीमा की शिक्षा सैनिक स्कूल कपूरथला से हुई थी। उनके अंतिम संस्कार पर उनके साथ पढ़े करीब 20 सहपाठी फूट-फूट कर रोए। उनके अध्यापक एसएस आहलूवालिया और भूपिंदर सिंह ने बताया कि एक बार वह हेलीकॉप्टर लेकर स्कूल आया था और हेलीकॉप्टर पर तिरंगा लहराते हुए पूरे स्कूल का चक्कर लगाया था। इस अवसर पर शहीद के सहपाठी डॉ. दलजीत सिंह चौहान, मुनीष रहलान, मलकिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह और आरएस राणा उपस्थित थे।