शहीदों की विधवाओं ने मंत्री की कार पर फेंकी शॉल
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यमुनानगर में गणतंत्र दिवस पर सब उस समय सन्न रह गए, जब सम्मान स्वरूप मिले शॉल को शहीदों की विधवाओं ने मंत्री की कार पर फेंक दिए। विधवाएं बोलीं, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर समारोह के लिए हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, किंतु उनको दिए जाने वाले सम्मान पर सौ रुपये भी नहीं खर्च नहीं किया जाता है। इस बार उन्हें दी गईं शॉल 50-100 रुपये से अधिक की नहीं है। हमें सस्ता सम्मान मंजूर नहीं।
मंत्री महोदया से ये बोलीं विधवाएं
मैडम! देश के लिए जान न्यौछावर करने वालों के परिवारों को प्रशासन से उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। हर बार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर उन्हें एक कोने में बैठा दिया जाता है और बाद में घटिया क्वालिटी के शॉल या कंबल थमाकर चलता कर दिया जाता है।
तेजली खेल परिसर में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में स्वतंत्रता सैनिकों व वीरांगनाओं ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता मंत्री कविता जैन के सामने कुछ इसी प्रकार जिला प्रशासन के खिलाफ खरी-खोटी सुनाई।
इससे पहले समारोह के समापन पर लौटते समय वीरांगनाओं ने मंत्री का रास्ता रोक उनकी गाड़ी पर सम्मान में दी गईं शॉल फेंक दीं। आरोप लगाया कि प्रशासन से मिली शॉल घटिया है, इसी के चलते उन्हें यह सम्मान नागवार है।
मंत्री कविता जैन को सुनाया अपना दुखड़ा
गुस्साईं वीरांगनाओं ने मंत्री कविता जैन को अपना दुखड़ा सुनाया। इस बीच डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने महिलाओं को शांत कर उचित सम्मान देने का आश्वासन दिया। बावूजद इसके अधिकांश वीरांगनाएं बिना शॉल लिए ही तेजली खेल परिसर से घर लौट गईं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कविता जैन जिलास्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं।
जैन ने परेड़ का निरीक्षण कर ध्वजारोहण के साथ परेड़ की सलामी ली। इस दौरान जिले के करीब 30 स्वतंत्रता सैनिकों व वीरांगनाओं को सम्मान के रूप में शॉल भेंट की गईं। समारोह के समापन पर मंत्री कविता जैन जब लौट रही थी तो 10-12 वीरांगनाओं ने उनका रास्ता रोक लिया और शॉल उनकी गाड़ी पर ही फेंक दीं।
अमरकौर व दयाल कौर, मॉडल टाउन से आई डोली मेहता व शांति रानी ने कहा कि प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मान में दी गईं शॉल घटिया है। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है, जबकि हर वर्ष उनका इसी तरह अपमान किया जाता है।