Kurukshetra News: मारकंडा नदी में पहुंचा 18 हजार 370 क्यूसेक पानी, तटबंध टूटने से दर्जनों गांवों में घुसा पानी
शाहाबाद में मारकंडा नदी के गेज रीडर के मुताबिक वार्निंग लेवल 1.60 मीटर है जबकि डेंजर लेवल दो मीटर है। इसके चलते प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। इस समय मारकंडा नदी का पानी गांव कठवा और कलसाना की सड़कों व खेतों में जा रहा है। मारकंडा कॉलोनी में भी पानी भर गया है।
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दो दिनों से जारी भारी बारिश का असर दिखाई पड़ने लगा है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 106 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं अब नदियां भी उफान पर हैं। दोपहर तक ही मारकंडा नदी में 18 हजार 370 क्यूसेक पानी पहुंच गया। इससे शाहाबाद के आसपास के गांवों में खतरा बन गया है तो वहीं इस्माईलाबाद के गांव नैसी के पास मारकंडा का तटबंध टूट गया। इससे आसपास के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं।
खेतों में डेरों पर बसे लोगों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं सरस्वती नदी के आसपास बसे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। डीसी शांतनु शर्मा को बारिश के बीच ही छाता लेकर सरस्वती के ओवरफ्लो होने और स्थिति का जायजा लेने जाना पड़ा। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया गया है।
शाहाबाद में मारकंडा नदी के गेज रीडर के मुताबिक वार्निंग लेवल 1.60 मीटर है जबकि डेंजर लेवल दो मीटर है। इसके चलते प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। इस समय मारकंडा नदी का पानी गांव कठवा और कलसाना की सड़कों व खेतों में जा रहा है। मारकंडा कॉलोनी में भी पानी भर गया है।
गेज रीडर रविंद्र कुमार ने बताया कि मुलाना में 43 हजार क्यूसेक और कालाअंब में 34 हजार 125 क्यूसेक पानी नदी में चल रहा है। बता दें कि मारकंडा नदी में मुलाना नदी से पानी आता है क्योंकि यहां पर मारकंडा नदी, रून नदी, वेघना नदी व साढौरा नदी आपस में मिलती हैं। इससे पानी की मात्रा बढ़ जाती है।
आपको बता दें कि नदी का यह पानी गांव कठवा, गुमटी, मलिकपुर, मारकंडा कॉलोनी, कलसाना, मुगलमाजरा और डेरों को प्रभावित करता है। इस समय भी यह पानी इन गांवों की हद पर पहुंच चुका है और खेतों में बह रहा है। इसके अलावा नदी के साथ स्थित गौशालाओं में भी पानी घुस गया है। इसके बाद गौवंश को ऊंचे स्थान पर बांधा गया है। वहीं मारकंडा कॉलोनी में अलर्ट जारी किया गया है और पानी बढ़ने की स्थिति में मारकंडा कॉलोनी के परिवार मारकंडेश्वर मंदिर में आश्रय लेंगे।
नदी के पानी की मार बाजीगर कालोनी में भी हुई है और जिस कारण वहां के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है। कठवा के पूर्व सरपंच अमरिंद्र सिंह ने कहा कि हर वर्ष नदी के पानी से लोगों का नुकसान होता है लेकिन प्रशासन कोई पुख्ता प्रबंध नहीं करता है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतें कई बार कुरुक्षेत्र प्रशासन को नदी की सफाई के लिए कह चुकी हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पानी से किसानों का नुकसान होता है तो उसका मुआवजा सरकार को देना चाहिए।
एसडीएम ने किया दौरा
शाहाबाद के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा नदी के जलस्तर का जायजा लेते रहे और अनाज मंडी के पीछे बनी कॉलोनी के घरों में काफी भरा है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने वहां पर नाका कटवाकर पानी की निकासी शुरू करवार्ई और कॉलोनी के लोगों को राहत मिली। वहीं, तहसीलदार अशोक मदान ने कहा कि प्रशासन के पास सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध है और नदी के साथ लगते ग्रामीणों को भी अपने स्तर पर अलर्ट रहने को कहा गया है। उधर, इस्माईलाबाद में तटबंध टूटने से गांव नैंसी, मढाढो, शेरगढ़, जंधेड़ी व जैतपुर समेत आसपास के अन्य गांवों में पानी पहुंच गया है।