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गैंगस्टर्स के बढ़ते हौसले: पंजाब में नाबालिगों को फुसलाकर बना रहे गैंग का हिस्सा, भड़का रहे धार्मिक भावनाएं
Sun, 13 Nov 2022 06:01 AM IST
निवेदिता वर्मा
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 13 Nov 2022 06:01 AM IST
सार
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने सूबे में गैंगस्टरों द्वारा नाबालिगों का अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने व्हाटसअप पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा- कोटकपूरा में हाल ही में प्रदीप प्रेमी की हत्या में कुछ नाबालिगों की गिरफ्तारी की खबर, आतंकवादी और गैंगस्टरों की रणनीति को एक नया मोड़ दिखाती है।
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नाबालिग बन रहे अपराधी
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
पंजाब में गैंगस्टरों के बढ़ते हौसले पस्त करने में असफल रही राज्य पुलिस के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। हाल की वारदात में कई ऐसे आरोपी पकड़े गए हैं, जो नाबालिग हैं। कोटकपूरा में डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या में पकड़े गए आरोपियों की उम्र बेहद कम है। पुलिस का मानना है कि गैंगस्टर और उन्हें फंडिंग करने वाले लोग धार्मिक भावनाएं भड़काकर युवाओं को अपराध की दुनिया में ला रहे हैं। इन युवाओं को गैंग का हिस्सा बनाकर धार्मिक मामलों में हत्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है।
गौरतलब है कि मानसा में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी रेकी करने के आरोप में पकड़े गए अपराधियों में दो नाबालिग हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हिस्सा रहे हैं। गैंगस्टरों द्वारा की गई विभिन्न हत्याओं और डेराप्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या की जांच में जुटी टीमों ने अब इस पहलू पर भी नजरें गढ़ा दी हैं। दरअसल, राज्य में आतंकवाद के दौर के समय भी कट्टरपंथियों ने बेगुनाहों की हत्याएं करवाकर आतंक फैलाने के लिए युवाओं की सहारा लिया था और उन्हें धर्म के नाम पर अपने-अपने आतंकी संगठनों से जोड़ा था।
राज्य पुलिस का मानना है कि हिंदू नेताओं और डेरा प्रेमियों की हत्याओं के पीछे धार्मिक उन्माद को भड़काने की कोशिशें शुरू की गई हैं, जिनमें विदेशों से फंडिंग कर रहे खालिस्तान समर्थक और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे में काम कर रहे आतंकी शामिल हैं। राज्य पुलिस को इस बात से पुख्ता सबूत मिल चुके हैं कि पंजाब में फिर से दहशत का माहौल बनाने के लिए विदेशों से स्थानीय गैंगस्टरों को हो रही फंडिंग में तेजी आई है। इस पैसे के सहारे यूपी और एमपी से हथियार खरीदे जाने के कई मामले भी पुलिस की पकड़ में आए हैं, जिनका इस्तेमाल गैंगस्टरों और उनके गुर्गों द्वारा पंजाब में हत्याएं करने और हफ्ता वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देने में हुआ है।
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गैंगस्टरों को युवाओं को अपने साथ जोड़ने में क्यों सफलता मिल रही है, इस संबंध में कुछ कहने पर पुलिस अधिकारियों ने असमर्थता जताई लेकिन लुधियाना के मनोचिकित्सक डा. सुमीत सिंह ने कहा कि ऐसे युवा अपराध की तरफ जल्द आकर्षित हो जाते हैं, जिन्हें उनकी इच्छाओं के अनुरूप रोजगार या सुविधाएं नहीं मिल पातीं। धर्म के आधार पर अपराध करने की प्रवृति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि धर्म एक ऐसा विषय है, जिसके आधार पर किसी भी उम्र वर्ग के लोगों की विचारधारा को बदला जा सकता है। उन्होंने भटक रहे युवाओं को लेकर कहा कि सबसे पहले अभिभावक ही उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों, स्वभाव में परिवर्तन और उनका कैसे लोगों के साथ उठना-बैठना है, का पता रखते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।
पूर्व डीजीपी ने नाबालिगों को लेकर जताई चिंता
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने सूबे में गैंगस्टरों द्वारा नाबालिगों का अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने व्हाटसअप पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा- कोटकपूरा में हाल ही में प्रदीप प्रेमी की हत्या में कुछ नाबालिगों की गिरफ्तारी की खबर, आतंकवादी और गैंगस्टरों की रणनीति को एक नया मोड़ दिखाती है। वे अब नाबालिगों को हत्या आदि के लिए काम पर रख रहे हैं। हो सकता है कि आने वाले समय में वे नाबालिगों को अपनी अन्य गंभीर नापाक गतिविधियों में इस्तेमाल करना शुरू कर दें। यह केवल इसलिए हो सकता है क्योंकि नाबालिगों को आमतौर पर किशोर अपराध प्रावधानों के तहत संरक्षित किया जाता है। इस संबंध में विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है। समय आ गया है कि अधिनियम में संशोधन किया जाए...
सुनील जाखड़ ने जताई चिंता
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने शनिवार को ट्वीट कर, पंजाब के युवाओं द्वारा पैसे के लिए अपराधी बनने की घटनाओं पर चिंता जाहिर की है। जाखड़ ने ट्वीट किया- चिंताजनक! हाल ही में कोटकपूरा और मूसेवाला हत्याकांडों में नाबालिगों की गिरफ्तारी से पता चलता है कि किशोर पैसे के लिए बंदूक थामने लगे हैं। कारण जो भी हो- बेरोजगारी/ आसान पैसा/ गैंगस्टरों का महिमामंडन - यह सरकार और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
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गौरतलब है कि मानसा में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी रेकी करने के आरोप में पकड़े गए अपराधियों में दो नाबालिग हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हिस्सा रहे हैं। गैंगस्टरों द्वारा की गई विभिन्न हत्याओं और डेराप्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या की जांच में जुटी टीमों ने अब इस पहलू पर भी नजरें गढ़ा दी हैं। दरअसल, राज्य में आतंकवाद के दौर के समय भी कट्टरपंथियों ने बेगुनाहों की हत्याएं करवाकर आतंक फैलाने के लिए युवाओं की सहारा लिया था और उन्हें धर्म के नाम पर अपने-अपने आतंकी संगठनों से जोड़ा था।
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राज्य पुलिस का मानना है कि हिंदू नेताओं और डेरा प्रेमियों की हत्याओं के पीछे धार्मिक उन्माद को भड़काने की कोशिशें शुरू की गई हैं, जिनमें विदेशों से फंडिंग कर रहे खालिस्तान समर्थक और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे में काम कर रहे आतंकी शामिल हैं। राज्य पुलिस को इस बात से पुख्ता सबूत मिल चुके हैं कि पंजाब में फिर से दहशत का माहौल बनाने के लिए विदेशों से स्थानीय गैंगस्टरों को हो रही फंडिंग में तेजी आई है। इस पैसे के सहारे यूपी और एमपी से हथियार खरीदे जाने के कई मामले भी पुलिस की पकड़ में आए हैं, जिनका इस्तेमाल गैंगस्टरों और उनके गुर्गों द्वारा पंजाब में हत्याएं करने और हफ्ता वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देने में हुआ है।
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गैंगस्टरों को युवाओं को अपने साथ जोड़ने में क्यों सफलता मिल रही है, इस संबंध में कुछ कहने पर पुलिस अधिकारियों ने असमर्थता जताई लेकिन लुधियाना के मनोचिकित्सक डा. सुमीत सिंह ने कहा कि ऐसे युवा अपराध की तरफ जल्द आकर्षित हो जाते हैं, जिन्हें उनकी इच्छाओं के अनुरूप रोजगार या सुविधाएं नहीं मिल पातीं। धर्म के आधार पर अपराध करने की प्रवृति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि धर्म एक ऐसा विषय है, जिसके आधार पर किसी भी उम्र वर्ग के लोगों की विचारधारा को बदला जा सकता है। उन्होंने भटक रहे युवाओं को लेकर कहा कि सबसे पहले अभिभावक ही उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों, स्वभाव में परिवर्तन और उनका कैसे लोगों के साथ उठना-बैठना है, का पता रखते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।
पूर्व डीजीपी ने नाबालिगों को लेकर जताई चिंता
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने सूबे में गैंगस्टरों द्वारा नाबालिगों का अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने व्हाटसअप पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा- कोटकपूरा में हाल ही में प्रदीप प्रेमी की हत्या में कुछ नाबालिगों की गिरफ्तारी की खबर, आतंकवादी और गैंगस्टरों की रणनीति को एक नया मोड़ दिखाती है। वे अब नाबालिगों को हत्या आदि के लिए काम पर रख रहे हैं। हो सकता है कि आने वाले समय में वे नाबालिगों को अपनी अन्य गंभीर नापाक गतिविधियों में इस्तेमाल करना शुरू कर दें। यह केवल इसलिए हो सकता है क्योंकि नाबालिगों को आमतौर पर किशोर अपराध प्रावधानों के तहत संरक्षित किया जाता है। इस संबंध में विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है। समय आ गया है कि अधिनियम में संशोधन किया जाए...
सुनील जाखड़ ने जताई चिंता
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने शनिवार को ट्वीट कर, पंजाब के युवाओं द्वारा पैसे के लिए अपराधी बनने की घटनाओं पर चिंता जाहिर की है। जाखड़ ने ट्वीट किया- चिंताजनक! हाल ही में कोटकपूरा और मूसेवाला हत्याकांडों में नाबालिगों की गिरफ्तारी से पता चलता है कि किशोर पैसे के लिए बंदूक थामने लगे हैं। कारण जो भी हो- बेरोजगारी/ आसान पैसा/ गैंगस्टरों का महिमामंडन - यह सरकार और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।