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Chandigarh: चंडीगढ़ में जहां साइकिल ट्रैक की सबसे ज्यादा जरूरत वहां नदारद, हेल्पलाइन नंबर तक नहीं
Mon, 01 Jan 2024 02:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
बृजेंद्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेंद्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 01 Jan 2024 02:34 PM IST
सार
इस वर्ष दर्जन भर से ज्यादा साइकिल सवारों की मौत हो चुकी है। बीते नवंबर में इंडस्टि्रयल एरिया में सेंट्रा मॉल के पास एक 58 वर्षीय साइकिल सवार की ट्रक की चपेट में आने से जान चली गई थी।
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साइकिल ट्रैक
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ को प्रदूषण मुक्त करने और लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भले ही पब्लिक बाइक- शेयरिंग प्रोजेक्ट के तहत जगह-जगह साइकिलें उपलब्ध करवाई गई हैं मगर शहर के कई साइकिल ट्रैक बद्तर हालत में हैं। वहीं जिन प्रमुख सड़कों से सबसे ज्यादा साइकिल सवार गुजरते हैं वहां साइकिल ट्रैक ही नहीं हैं।
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राम दरबार, हल्लो माजरा, संजय लेबर कॉलोनी आदि जगहों से सुबह श्रमिक वर्ग से जुड़े सैकड़ों पुरुष और महिलाएं इंडस्टि्रयल एरिया और आसपास के क्षेत्र में फैक्ट्री आदि जाते हैं। यहां साइकिल ट्रैक न होने के चलते उन्हें मुख्य सड़कों और सर्विस लेन पर भारी वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है। ऐसे में हादसों का खतरा बना हुआ है। इसी तरह धनास और कई अन्य जगहों पर भी ट्रैक का अभाव है। वहीं कई ट्रैक ऐसे भी हैं जहां लोगों ने पार्किंग आदि के रूप में कब्जा किया हुआ है और कुछ बेहद खस्ताहाल में हैं।
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जाम से बचने के लिए साइकिल ट्रैक पर मोटरसाइकिलें
अक्सर शाम के वक्त जाम से बचने के लिए मोटर-गाड़ियां इन साइकिल ट्रैक पर चढ़ रही हैं। ऐसे में साइकिल सवारों की जान का खतरा भी बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग यातायात पुलिस को ऐसे वाहनों की तस्वीरें और वीडियो सांझी कर चुके हैं।
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साइक्लिस्ट अखिल बंसल ने बताया कि सेक्टर 42 अटावा में ही एक ट्रैक पर बीट बाक्स, पंक्चर की दुकान और एक अवैध झुग्गी के चलते दिक्कत हो रही है। कई सड़कों पर साइकिल ट्रैक न होने के चलते साइकिल सवारों को मुख्य सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
दर्जन भर से ज्यादा की जा चुकी है जान
जानकारी के मुताबिक इस वर्ष दर्जन भर से ज्यादा साइकिल सवारों की मौत हो चुकी है। बीते नवंबर में इंडस्टि्रयल एरिया में सेंट्रा मॉल के पास एक 58 वर्षीय साइकिल सवार की ट्रक की चपेट में आने से जान चली गई थी। वहीं सितंबर में मटका चौक से स्टेडियम चौक वाली मुख्य सड़क पर साइकिल ट्रैक के अभाव में साइक्लिंग कर रहे मोहाली के डाक्टर की ऑटो की जबरदस्त टक्कर से मौत हो गई थी।
2022 में 12 साइकिल सवार हादसों में जान गंवा चुके हैं। इनमें से आठ की मौत कार की चपेट में आने से हुई थी। कुल 25 हादसे साइकिल सवारों से जुड़े हुए थे। वहीं 23 पैदल लोगों की भी पिछले वर्ष मौत हुई थी। इनमें से 11 कार की चपेट में आए थे। कुल 46 पैदल व्यक्ति पिछले वर्ष हादसों का शिकार बने थे।
प्रशासन मरम्मत कार्य में जुटा
रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में मध्य मार्ग पर ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर मुख्य सड़क और साइकिल ट्रैक के बीच दूरी कायम करने पर चर्चा हो चुकी है। इस मुद्दे पर प्रशासन से ड्राइंग मांगी गई थी। वहीं पूर्व मार्ग पर ट्रिब्यून चौक से ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट पर भी ऐसी दूरी बनाए जाने पर चर्चा हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक शहर के खराब पड़े साइकिल ट्रैक की 1.3 करोड़ रुपये से मरम्मत होगी। सेक्टर 44 से डड्डूमाजरा कॉलोनी तक शांति पथ पर दोनों तरफ साइकिल ट्रैक बनाए जाने की दिशा में भी प्रयास हो रहा है। जानकारी के मुताबिक शहर में 200 किलोमीटर के लगभग के साइकिल ट्रैक बने हुए हैं मगर कई की हालत काफी खस्ता है।
शहर में कई साइकिल ट्रैक टूटे हैं और कई में सीवरेज आदि की मरम्मत के बाद कई महीनों तक ट्रैक ठीक नहीं हो रहे। खराब ट्रैक की शिकायत के लिए कोई समर्पित हेल्पलाइन नंबर नहीं है। कई स्ट्रीट लाइट पेड़ों से ढकी हुई हैं। वहीं कई ट्रैक पर गैरकानूनी कब्जा हो रखा है। -अखिल बंसल, साइक्लिस्ट एंव समाज सेवी।