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Punjab: मनप्रीत बादल नहीं पहुंचे विजिलेंस कार्यालय, पीठ में दर्द का दिया हवाला, व्यक्तिगत पेशी से मांगी छूट

Mon, 23 Oct 2023 05:31 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 23 Oct 2023 05:31 PM IST
सार

प्लॉट घोटाले में होटल व्यवसायी राजीव कुमार, व्यवसायी विकास अरोड़ा और एक ठेकेदार के कर्मचारी अमनदीप को विजिलेंस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मनप्रीत बादल को गिरफ्तार करने की विजिलेंस ने खूब कोशिश की मगर सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी।

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Manpreet Singh Badal did not appear before Vigilance
मनप्रीत सिंह बादल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्लॉट घोटाले में फंसे पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल सोमवार को विजिलेंस के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने अपनी पीठ में दर्द का हवाला दिया और 10 दिन तक व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी। उन्होंने पीजीआई के डॉक्टरों की रिपोर्ट भी सौंपी। इसमें एक एक सप्ताह आराम की बात कही गई। उनके वकील सुखदीप सिंह भिंडर विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पहुंचे और पूर्व मंत्री का चिकित्सा प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपा।

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सुखदीप सिंह भिंडर ने कहा कि मनप्रीत सिंह बादल काफी समय से पीठ दर्द से पीड़ित हैं। इसके कारण वह चलने में असमर्थ हैं। उनकी व्यक्तिगत पेशी में छूट के संबंध में मेडिकल रिकॉर्ड सतर्कता अधिकारियों को सौंपा है। भिंडर ने कहा कि उनके मुवक्किल का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। इसी कारण वह पेश नहीं हो सके।
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वहीं विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को बुलाया गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने अपना मेडिकल सर्टिफिकेट भेज दिया है। इसके आधार पर उच्च अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों से परामर्श कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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इस मामले में होटल व्यवसायी राजीव कुमार, व्यवसायी विकास अरोड़ा और एक ठेकेदार के कर्मचारी अमनदीप को विजिलेंस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मनप्रीत बादल को गिरफ्तार करने की विजिलेंस ने खूब कोशिश की मगर सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी।


हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी में रोक लगा दी थी और जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि उन्हें अपना पासपोर्ट विजिलेंस अधिकारी को सौंपना होगा। पूछताछ के लिए सतर्कता अधिकारी के बुलाने पर उपस्थित होना होगा।

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