पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने दिखाया 21वीं सदी का सपना
इक्कीसवी सदी के भारत का सपना दिखाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह सदी भारत और चीन के विकास की है। विश्व इस समय ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी की तरफ बढ़ रहा है।
लिहाजा देश को सही पॉलिसी अपनाने की आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी है कि सरकार घरेलू स्तर पर आर्थिक मामलों में सुधार लाए। यह बात वीरवार को मनमोहन सिंह ने यहां सेंटर फार रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्त्रिस्ड) में आयोजित संगोष्ठी में कही। संगोष्ठी का विषय साउथ एवं सेंट्रल एशिया में शांति एवं सुरक्षा था।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी बेहतर नीतियों की वजह से विश्व की आर्थिक और राजनीतिक हलचल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दौरान पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर और पीएम के पूर्व सलाहकार टीकेए नैयर ने भी अपनी बात कही।
चंडीगढ़ पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को पुराने दिन याद आए
इस दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग भी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आ रहा है। कहा कि इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड से बांग्लादेश और भूटान को लाभ मिल रहा है।
सबसे ज्यादा जरूरत रेलवे कनेक्टिविटी पर काम करने की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में क्रिड जैसे शोध संस्थान सरकार की नीतियां तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चंडीगढ़ में पुराने साथियों को देखकर भावुक हो उठे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में बिताई यादों को ताजा किया। सेमिनार के दौरान उन्होंने पीयू के पूर्व कुलपति डा. आरपी भांभा को उनके 90 जन्मदिन के उपलक्ष्य में शाल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
मनमोहन ने कहा कि डा. भांभा देश के चुने हुए शिक्षाविदों में से एक हैं। उनका योगदान अतुलनीय है। इस अवसर पर पीयू के वाइस चांसलर अरुण ग्रोवर ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को शॉल भेंट की।