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Manmohan Singh: पीयू में की पढ़ाई... यहीं प्रोफेसर बन गए थे मनमोहन सिंह; यहां से था पूर्व पीएम का पुराना नाता

Fri, 27 Dec 2024 11:04 AM IST
शाहरुख खान हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 27 Dec 2024 11:04 AM IST
सार

Manmohan Singh: मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी में ही पढ़ाई की। और यहीं प्रोफेसर बन गए थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीयू से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री ली थी। उन्होंने 1957 से 1966 पंजाब यूनिवर्सिटी में ही अर्थशास्त्र के सीनियर फैकल्टी के रूप में नौकरी कर सेवाएं दी थीं।

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Manmohan Singh Death Studied at Punjab University Manmohan Singh became a professor here
Manmohan Singh - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जब पहली बार मनमोहन सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने आए थे तो शायद किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यह विद्यार्थी का भारत देश का प्रधानमंत्री बनेगा। लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बने तो पूरे देश को नहीं बल्कि खुद पीयू में उनके साथ पढ़ाई करने वाले और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों का भी कद बढ़ गया था क्योंकि उनके साथ रहने वाला एक साधारण सा दिखने वाला विद्यार्थी देश चलाने वाला प्रधानमंत्री बन गया था।
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दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का चंडीगढ़ से ही नहीं बल्कि पंजाब यूनिवर्सिटी से भी पुराना नाता रहा है। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से ही पढ़ाई की थी और यहीं प्रोफेसर भी रहे। 
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अगर इतिहास के पन्नों पर ही नजर डाली जाए तो मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से 1954 में अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की थी। लेकिन मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद एक ऐसा वक्त भी आया कि जहां वह कभी खुद पढ़ाई करते थे, वहीं उन्हें अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पीयू में ही नौकरी मिल गई। 
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उन्होंने 1957 से 1966 तक पंजाब यूनिवर्सिटी में ही अर्थशास्त्र विभाग में सीनियर फैकल्टी के रूप में नौकरी की थी। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2018 में पीयू में ही प्रो. एस.बी. रंगनेकर मेमोरियल ओरेशन का उद्घाटन किया था। साथ ही उन्होंने पीयू में गुरु तेग बहादुर भवन लाइब्रेरी को अपने निजी संग्रह से करीब 3500 पुस्तकें दान की ताकि वह युवा पीढ़ी के काम आ सकें।

देश की प्रगति पर छोड़ी अमिट छाप
पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर रेणु विग ने कहा कि वह अपने सम्मानित पूर्व छात्र और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से बेहद दुखी हैं। एक शिक्षाविद, अर्थशास्त्री और नेता के रूप में उनकी विरासत पंजाब विश्वविद्यालय और हमारे देश के इतिहास में हमेशा के लिए अंकित रहेगी।

डॉ. मनमोहन सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत की प्रगति पर एक अमिट छाप छोड़ी है। शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में उनका योगदान पंजाब विश्वविद्यालय के लिए बहुत गर्व का स्रोत है। हम उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।
 

2015 में ऑनरेरी प्रोफेसरशिप
डॉ. मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी की वर्ष 2015 में ऑनरेेरी प्रोफेसरशिप स्वीकार की थी। कुछ लोगों के विरोध के कारण उन्होंने इसे पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भी भेज दिया था। पार्लियामेंट्री कमेटी ने क्लियर किया कि यह आर्थिक लाभ के दायरे में नहीं आती। प्रो. रंगनेकर पहले होशियारपुर में डॉ. मनमोहन सिंह के टीचर हुआ करतेथे और बाद में दोनों ने एक साथ काम किया।

शैक्षणिक उपलब्धिया
मनमोहन सिंह ने अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री (1952)
अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री (1954)

अपनी कक्षा में प्रथम स्थान पर रहे
संकाय योगदान:
वरिष्ठ व्याख्याता (1957-1959)
अर्थशास्त्र में रीडर (1959-1963)
अर्थशास्त्र के प्रोफेसर (1963-1965)

सम्मान और मान्यताएं
मानद डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी. लिट.), 12 मार्च, 1983
मानद डॉक्टर ऑफ लॉज़ (एलएल.डी.), 11 मार्च, 2009
 
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