मणिकर्ण हादसा: वो मन्नत मांगने गए थे, मिली मौत
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हिमाचल में कुल्लू स्थित मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा में पंजाब से जो लोग मन्नत मांगने गए थे, उन्हें मौत मिली। हादसे में मरने वालों में 7 लोग पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले थे। हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मातम पसर गया। हादसे के बारे में पता चलते ही मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई। सभी की जुबां पर इस हादसे का जिक्र था।
इस हादसे में घायल लोगों को हाल जानने के लिए सभी बेचैन थे। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के साथ पीड़ित परिवारों का एक-एक सदस्य कुल्लू रवाना हो गया। देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक रोगला से करीब 16 लोग मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा के दर्शनों के लिए गए थे।
इनमें से सात लोगों यादविंदर सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह, लाडी पुत्र हरी सिंह, सोनी राम पुत्र मांगा राम, गुरदीप सिंह पुत्र हरदेव सिंह, गोपाल पुत्र हरी राम, रघुवीर पुत्र बालकृष्ण, काका सिंह पुत्र हरदयाल सिंह की मौत हो गई। इन्होंने शायद सपने में भी नहीं सोचा था कि वे मन्नत मांगने जा रहे हैं और उन्हें मौत मिल जाएगी।
सभी ग्रामीण मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे था, लेकिन आंसू थे कि रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। हादसे में घायल हुए निक्का राम, तरसेम चंद, मिट्ठू सिंह, अवतार सिंह, गुरविंदर, लोक राज, पपिंदरजीत और हंसराज का हाल जानने के लिए उनके परिवारों में बेचैनी थी। सभी अपने स्तर पर हर संभव कोशिश में जुटे थे कि किसी तरह उनका हालचाल पता चल जाए। बताया जा रहा है कि सूचना मिलते ही पीड़ित परिवारों के सदस्य कुल्लू की तरफ रवाना हो गए थे।
मुख्यमंत्री बादल ने की मुआवजे की घोषणा
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मणिकर्ण हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख और घायलों को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रदेश सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।
बादल ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने स्थिति का जायजा लेते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ को एक विशेष टीम भेजने के लिए कहा। एसजीपीसी वहां मरम्मत के काम के अलावा लंगर की सेवा करेगी।
वहीं, प्रदेश के मुख्य सचिव सर्वेश कौशल हिमाचल के प्रशासनिक अधिकारियों से इस बारे में निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। इस बीच प्रदेश सरकार ने तीर्थ यात्रियों को वहां से निकालने के लिए एक उच्च स्तरीय टीम मणिकर्ण के लिए रवाना कर दी है। इस टीम में विशेष सचिव राजस्व दिलराज सिंह और आईजी गौतम चीमा शामिल हैं। वहीं, पंजाब सिविल सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
मृतकों और घायलों की सूची
मणिकर्ण हादसे में यादविंद्र सिंह पुत्र सुखविंद्र सिंह, लखविंद्र सिंह पुत्र हरि सिंह, सोनी राम पुत्र मग्गर राम, गुरदीप सिंह पुत्र हरदेव सिंह, गोपाल सिंह पुत्र हरि राम, रघुवीर सिंह पुत्र बालकृष्ण, काका सिंह पुत्र हरदयाल सिंह की मौके पर मौत हो गई है। ये सभी संगरूर के बताए जा रहे हैं।
घायलों की सूची
निक्का राम पुत्र बिलू राम, तरसेम पुत्र हेमराज, मिठू सिंह पुत्र गुरजंटा सिंह, अवतार सिंह पुत्र बृजभान सिंह, लोकराज पुत्र ओम प्रकाश, पविंद्रजीत सिंह पुत्र लाल सिंह, हंसराज पुत्र बालाराम, रविंद्र सिंह पुत्र रोडा सिंह, हरजिंद्र सिंह पुत्र अजायब सिंह, हरमेश सिंह पुत्र लीला राम और गुरविंद्र सिंह पुत्र गुरचरण सिंह क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन है जबकि गुरविंद्र सिंह और हंसराज को पीजीआई रेफर कर दिया गया है।