अदालत पहुंचा मामला: 13 साल पहले मुस्लिम युवती से की शादी, अब कहा- धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे ससुराल वाले
अमृतसर निवासी युवक ने 13 साल पहले एक मुस्लिम युवती से शादी की थी। अब उन्होंने अपने ससुराल वालों पर जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। कोर्ट में याचिका दाखिल कर व्यक्ति ने कहा कि मेरा बेटा उन्हीं के पास है। वह उसका खतना भी करने जा रहे हैं।
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जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले परिवार के खिलाफ जिला अदालत में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका एक सिख ने अपनी पत्नी और उसके परिवार के खिलाफ दायर की है। आरोप लगाए हैं कि उन्हें और उनके बेटे को जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
याची ने मांग की है कि उनके ससुराल वालों को अदालत की तरफ से निर्देश दिए जाएं कि उनको और उनके बेटे को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर न किया जाए। याची में कहा कि उनका बेटा उनके ससुराल पक्ष के पास है और वह उसका खतना करने जा रहे हैं। व्यक्ति ने इस पर रोक लगाने की मांग की है। आरोप है कि पुलिस भी उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
याची की ओर से वकील दीक्षित अरोड़ा ने याचिका दायर की है।
दीक्षित ने याचिका में कहा कि मूलरूप से अमृतसर के रहने वाले एक सिख व्यक्ति ने 17 नवंबर 2008 को एक मुस्लिम युवती से शादी की थी। शादी से पहले दोनों एक साथ नौकरी करते थे। दोनों की सहमति से अमृतसर के गुरुद्वारा साहिब में उनका विवाह संपन्न हुआ। उनका कहना है कि उन्हें यह बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि शादी के बाद उन्हें सिख धर्म छोड़ने के लिए इतना मजबूर किया जाएगा।
लड़की के परिवार ने उन पर सिख धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनके दबाव से बचने के लिए वह अपनी पत्नी को लेकर चंडीगढ़ से दिल्ली चले गए और वहां नौकरी करने लगे। इसके बाद पत्नी को लेकर वह अपने घर अमृतसर गए।
2015 तक दोनों अमृतसर में रहे लेकिन इस दौरान पत्नी ने उन्हें वापस चंडीगढ़ जाने के लिए कहना शुरू कर दिया। इसके बाद वह 2016 में चंडीगढ़ आ गए और यहां वह अपनी पत्नी और उसके परिवार के साथ ही रहने लगे। यहां आकर स्थिति इतनी खराब हो गई कि लड़की के परिवार ने कई बार उन्हें पगड़ी उतारने और बाल कटवाने के लिए मजबूर किया। उनका कड़ा भी हाथ से निकालने की कोशिश की और कहा कि वह एक मुस्लिम की तरह रहे।
उनके बेटे को भी मुस्लिम बनाने की कोशिश की गई। इन्हीं बातों को लेकर उनके बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि उनको ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया और उनके बेटे को अपने पास रख लिया। उसके बाद व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अब उन्हें मजबूरी में अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी शादी को 13 साल हो गए और उन्होंने कभी अपनी पत्नी पर सिख धर्म अपनाने का दबाव नहीं बनाया लेकिन अब उल्टा उन्हें ही सिख धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को भी खतरा है।