रिटायरमेंट ऐज पर सरकार का बड़ा फैसला
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- प्रदेश में छह टोल नाके बंद होंगे
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नौकरी 60 तक
- हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने का फैसला
- हरियाणा टीचर चयन बोर्ड भी किया भंग
खट्टर सरकार ने पलटा हुड्डा का फैसला
हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को 60 साल से घटाकर 58 साल कर दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन हुड्डा सरकार ने सेवानिवृत्ति के लिए उम्र की सीमा बढ़ाकर 60 साल कर दी थी।
हालांकि खट्टर सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल ही रखी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को हटाने और हरियाणा टीचर चयन बोर्ड को भी भंग करने का फैसला किया है।
इन दोनों आयोगों के कामकाज पर लंबे समय से अंगुली उठाई जा रही थी। साथ ही दोनों निकायों की ओर से की गई कई भर्तियों को अदालत में चुनौती भी दी गई है।
58 पार कर्मचारी 30 को हो जाएंगे रिटायर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अलावा विकलांग और नेत्रहीन कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 साल ही रहेगी।
सरकार ने कट आफ डेट इस माह की 30 नवंबर रखी है जो कर्मचारी इस समय 58 के बाद भी नौकरी कर रहे हैं उन्हें 30 नवंबर को रिटायर कर दिया जाएगा। नई भर्ती के समय उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष ही रहेगी।
पिछली सरकार ने 40 से बढ़ाकर 42 कर दिया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिटायरमेंट आयु 58 करने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि विशेष तौर पर युवाओं को रोजगार दिया जा सके।