{"_id":"6a121357c59fe025c60dabe9","slug":"major-changes-in-labor-laws-are-underway-experts-explain-the-impact-of-the-new-rules-chandigarh-news-c-16-pkl1049-1027901-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: लेबर कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी, विशेषज्ञों ने बताए नए नियमों के असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: लेबर कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी, विशेषज्ञों ने बताए नए नियमों के असर
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-31 स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) पंजाब चैप्टर की ओर से लेबर कोड्स को लागू करना : आम गलतियां, क्या करें और क्या न करें विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उत्तर भारत की विभिन्न कंपनियों और संस्थानों से आए 140 से अधिक एचआर प्रोफेशनल्स, इंडस्ट्रियल रिलेशंस विशेषज्ञों और बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में एनआईपीएम के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट (नॉर्थ) एसपी बंसल ने कहा कि नए लेबर कोड्स देश के रोजगार और औद्योगिक ढांचे में बड़े बदलाव लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और एचआर प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्य वक्ता भारत सरकार में लेबर कोड्स के रणनीतिक सलाहकार एवं पूर्व डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर (सेंट्रल) डॉ. आरजी मीणा ने बदलते श्रम कानूनों और अनुपालन प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कंपनियों को अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में समय रहते आवश्यक बदलाव करने की सलाह दी। वर्कशॉप में डॉ. हेमंत गर्ग ने सोशल सिक्योरिटी कोड और ईएसआई प्रावधानों पर चर्चा की जबकि सीकेएस सचदेवा ने पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों पर नए लेबर कोड्स के प्रभाव समझाए। वहीं, पंजाब के पूर्व एडिशनल लेबर कमिश्नर डॉ. हरीश नय्यर ने आईआर कोड से जुड़े विवाद निपटारे, ले-ऑफ, हड़ताल और ट्रेड यूनियनों से संबंधित प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
कार्यक्रम में एनआईपीएम के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट (नॉर्थ) एसपी बंसल ने कहा कि नए लेबर कोड्स देश के रोजगार और औद्योगिक ढांचे में बड़े बदलाव लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और एचआर प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्य वक्ता भारत सरकार में लेबर कोड्स के रणनीतिक सलाहकार एवं पूर्व डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर (सेंट्रल) डॉ. आरजी मीणा ने बदलते श्रम कानूनों और अनुपालन प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कंपनियों को अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में समय रहते आवश्यक बदलाव करने की सलाह दी। वर्कशॉप में डॉ. हेमंत गर्ग ने सोशल सिक्योरिटी कोड और ईएसआई प्रावधानों पर चर्चा की जबकि सीकेएस सचदेवा ने पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों पर नए लेबर कोड्स के प्रभाव समझाए। वहीं, पंजाब के पूर्व एडिशनल लेबर कमिश्नर डॉ. हरीश नय्यर ने आईआर कोड से जुड़े विवाद निपटारे, ले-ऑफ, हड़ताल और ट्रेड यूनियनों से संबंधित प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन