हरियाणा में पहली बार इन बड़े बदलावों के साथ पंचायत चुनाव
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हरियाणा में पहली बार कई बड़े बदलावों के साथ चुनाव हो रहे थे। ऐसे में शैक्षणिक योग्यता के मामले ने सब बिगाड़ दिया। इस बार सरपंच व जिला परिषद के सदस्यों के लिए मतदान इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से करवाया जाएंगे, जबकि पंचों व पंचायत समिति के सदस्यों के लिए मतदान में बैलेट पेपर का प्रयोग किया जाएगा।
राज्य में कुल 21475 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 4123 संवेदनशील और 4265 अतिसंवेदनशील केंद्र घोषित किए गए। चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए एक लाख से अधिक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया जाएगा। चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि पहली बार पंचकूला व रेवाड़ी जिलों में पंचायत समिति के सदस्यों के लिए भी चुनाव में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन का प्रयोग किया जाएगा।
कुल 46 हजार 500 इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों का प्रबंध किया गया। जिला सोनीपत में जिला परिषद के चुनाव फिलहाल नहीं करवाए जा रहे, क्योंकि सोनीपत में नगर निगम बन जाने के बाद कुछ गांव नगर निगम में शामिल हो गए हैं। ऐसे में जिला परिषद के लिए नए सिरे से वार्डबंदी होगी।
सी प्रकार जो गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं, वह सोनीपत के 8 ब्लॉक में से 3 ब्लॉक के गांव हैं। इन ब्लॉक में राई, मुरथल व सोनीपत शामिल हैं। अत: इन तीन ब्लॉक में ब्लॉक समिति के सदस्यों का चुनाव भी नहीं होंगे क्योंकि ब्लॉक समितियों की भी नए सिरे से वार्डबंदी होनी है।
इससे अलग सोनीपत जिले के 5 ब्लॉक में पंचायत समिति और उन गांवों को छोड़कर जो नगर निगम में शामिल हुए हैं, शेष गांवों में पंच और सरपंचों के चुनाव करवाए जाएंगे। उधर, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर टालमटोल करने वाली भाजपा को सबक सिखाने के लिए प्रदेश की जनता के पास अब एक बेहतरीन अवसर है।
यह है नामांकन फीस
राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पंचों के लिए नामांकन फीस सामान्य वर्ग के लिए 100 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग के लिए 40 रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार सरंपच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के लिए यह क्रमश: 200 रुपये व 100 रुपये, 300 रुपये व 150 रुपये और 400 रुपये व 200 रुपये निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि इन चुनावों में अनुमानित खर्च लगभग 15 से 18 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मुख्य रूप से चुनाव खर्च चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के मानदेय आदि का भुगतान चुनाव आयोग के मापदंडों के अनुरूप किया जाता है।
देना होगा शैक्षिक योग्यता का एफिडेविट
हरियाणा सरकार की ओर से सरपंचों और पंचों की शैक्षिक योग्यता व अन्य शर्तों को लेकर विधानसभा में पारित किए गए विधेयक के बारे में पूछे जाने पर राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि फिलहाल नामांकन पत्र तो पुराना ही रहेगा, लेकिन उसके साथ अब उम्मीदवारों से एक एफिडेविट लिया जाएगा, जिस पर उम्मीदवार की शैक्षिक योग्यता व अन्य शर्तों की जानकारी होगी।
ये था पंचायत चुनाव का शेड्यूल
चुनाव कार्यक्रम------------------पहला चरण----------दूसरा चरण-------तीसरा चरण
आवेदन आमंत्रित-----------------9 सितंबर-----------16 सितंबर----------24 सितंबर
नामांकन पत्र दाखिल करना--------15-19 सितंबर------22-29 सितंबर------1-7 अक्तूबर
नामांकन पत्रों की जांच-------------21 सितंबर----------30 सितंबर---------8 अक्तूबर
नामांकन वापसी-------------------24 सितंबर----------3 अक्तूबर---------10 अक्तूबर
चुनाव चिह्न आवंटन---------------24 सितंबर----------3 अक्तूबर----------10 अक्तूबर
पद-------------------- पहले-------------अब
पंच--------------------5000-----------10,000
सरपंच(15 वार्ड तक)----15000----------30000
सरपंच (15 वार्ड से अधिक)25000--------50000
पंचायत समिति सदस्य-------50000--------100000
जिला परिषद सदस्य---------100000-------200000
राज्य में कुल जिला परिषद-------21
चुनाव होंगे---------------------20 (सोनीपत को छोड़कर)
राज्य में कुल ब्लॉक-------------126
चुनाव होंगे---------------------123
कुल जिला परिषद सदस्य----------419
चुनाव होंगे---------------------393
(सोनीपत जिला परिषद के अलावा मुरथल, राई और सोनीपत पंचायत समिति के चुनाव नहीं होंगे)
हरियाणा आप छेड़ेगी मुहिम
आप की हरियाणा इकाई ने पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही गांवों में अच्छे उम्मीदवारों के चुनाव के लिए ‘मेरा गांव मेरा देश’ मुहिम चलाने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व वरिष्ठ नेता नवीन जयहिंद ने बताया कि गांवों में साफ व ईमानदार छवि के लोग चुने जाएं, इसके लिए आम आदमी पार्टी शपथ पत्र बनवाकर गांवों बंटवाएगी। इसके साथ ही गांवों में ग्रामीणों से अपील की जाएगी कि वे अपने गांव में खड़े होने वाले पंचायती चुनाव के उम्मीदवार से इस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर लें।
पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ेंगे: धनखड़
पंचायत चुनाव से हरियाणा नए युग में प्रवेश करेगा। सभी सरपंच शिक्षित होंगे तो पंचायतों को अपराध मुक्त किया जाएगा। पंचायत चुनाव जनता का चुनाव है। इसे पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ा जाएगा। सुशिक्षित व सभ्य समाज के लिए जनता को खुद फैसला करना होगा। यह कहना है कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का।
चुनाव के बाद सामने आएगी सदस्यता अभियान की तस्वीर
हरियाणा में गांव की सरकार बनने का समय आ गया है। दीपावली से पहले पंचायत चुनाव के नतीजों की घोषणा हो जाएगी। सूबे में दिन रात सक्रिय राजनीतिक दलों की परीक्षा का परिणाम भी इस चुनाव के बाद सामने आ जाएगा। सत्तासीन भाजपा के साढ़े दस माह के कामकाज की समीक्षा के साथ ही इनेलो की वर्तमान स्थिति का भी अंदाजा इस चुनाव में होगा।
हरियाणा में भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद यह पहला ऐसा चुनाव होगा, जो अब तक के सभी पंचायत चुनाव से अलग होगा। यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए इसलिए भी अहम होगा क्योंकि पिछले करीब छह माह से सभी दलों ने प्रदेश में सदस्यता अभियान चला रखा है।
सदस्यता अभियान के तहत सभी दलों ने ग्रामीण क्षेत्रों पर अधिक फोकस किया है। विधानसभा चुनाव के बाद से ही सत्तासीन भाजपा हरियाणा में जोर शोर से सदस्यता अभियान चला रही है। पार्टी ने 34 लाख से अधिक सदस्य बनाने का दावा किया है, जबकि कांग्रेस भी दस लाख से ज्यादा सदस्यों का दावा किया है।
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनहित के फैसले लिए हैं। चुनाव में भाईचारा सबसे अहम होता है। यह चुनाव भी भाईचारे का चुनाव है। इस चुनाव में खास बात यह है कि अब पढ़े-लिखे चेहरे प्रजातंत्र के प्रहरी के तौर पर सामने आएंगे।