{"_id":"676565a91a36313ead0ae096","slug":"mahendra-becomes-president-of-chandigarh-pgi-security-guard-welfare-union-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड वेलफेयर यूनियन के अध्यक्ष बने महेंद्र, 20 वोट से मिली जीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड वेलफेयर यूनियन के अध्यक्ष बने महेंद्र, 20 वोट से मिली जीत
Fri, 20 Dec 2024 06:10 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 20 Dec 2024 06:10 PM IST
सार
चंडीगढ़ पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड वेलफेयर यूनियन के नए प्रेसिडेंट महेंद्र कुमार पहलवान बने हैं। शुक्रवार को हुए चुनाव में उन्होंने अपने विरोधी को 20 वोटों के अंतर से हराया है।
विज्ञापन
चुनाव में जीते हुए सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड वेलफेयर यूनियन का शुक्रवार को चुनाव हुआ। चुनाव में महेंद्र कुमार पहलवान विजयी हुए हैं। उन्होंने दूसरे पैनल के अध्यक्ष पद के दावेदार अजय शर्मा को 20 वोटों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। चुनाव में 101 वोटों में से 94 वोट पड़े जिसमें महेंद्र कुमार को 57 और अजय शर्मा को 37 वोट मिले।
विज्ञापन
जीत हासिल करने के बाद महेंद्र कुमार के नेतृत्व में चुने गए पैनल में जसविंदर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संजय चौधरी उपाध्यक्ष, जगबीर सिंह महासचिव, मनप्रीत सिंह सचिव, अमन वर्मा संगठन सचिव, विशाल प्रचार सचिव और गौरव कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। महेंद्र कुमार का कहना है कि वे और उनकी टीम सुरक्षा कर्मचारियों की बेहतरीन और कल्याण की दिशा में काम करेंगे।
विज्ञापन
मतदान के दौरान चुनाव समिति ने 22 सुरक्षा गार्ड्स को मतदान करने से रोक दिया, जिसका विरोध किया गया। महेंद्र कुमार ने चुनाव जीतने के बाद घोषणा की कि वह और उनका पैनल सभी सुरक्षा गार्ड्स को सदस्यता प्रदान करेंगे और इस तरह के उत्पीड़न को समाप्त करेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि पीजीआई चंडीगढ़ में सिक्योरिटी गार्ड्स की बड़ी भूमिका रहती है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अस्पताल में 700 सिक्योरिटी स्टाफ कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश कांट्रैक्ट पर हैं। सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रेगुलर स्टाफ की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। पिछले महीने की डॉक्टरों की हड़ताल के बाद पीजीआई ने डॉक्टरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।