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Chandigarh News: ठंड से बढ़ी फेफड़े की परेशानी, सांस लेना होने लगा मुश्किल

Sun, 21 Jan 2024 03:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jan 2024 03:56 AM IST
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Lung problems increased due to cold, breathing became difficult
चंडीगढ़। ठंड में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा परेशानी फेफड़ा संबंधी रोग वाले मरीजों को हो रही है। ठंड में लापरवाही सांस लेने में परेशानी खड़ी कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि ठंड में बचाव के मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है।जीएमएसएच 16 के पूर्व फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. हनी साहनी का कहना है कि ठंड के समय ड्रॉपलेट संक्रमण का खतरा रहता है। घर में किसी को ये संक्रमण हो तो बचाव के मानकों का पालन करें। सर्दी का ज्यादा दबाव भी फेफड़े पर ही पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर इस महीने में जब किसी को खांसी, सर्दी लगती है तो लोग सोचते हैं कि यह मामूली परेशानी है लेकिन यह ज्यादा दिनों तक परेशान करने लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि ये फेफड़े के कमजोर होने या खराब होने के लक्षण भी हो सकते हैं। क्योंकि ठंडी, शुष्क हवा में सांस लेने से ब्रोन्कियल नलिकाओं (वायुमार्ग) में जलन होती है। ब्रोन्कियल नलियों के आसपास की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्रोन्कियल नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं और सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
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बाहर न करें व्यायाम
इन स्थितियों में बाहर व्यायाम करने से समस्या बढ़ जाती है। व्यायाम करते समय सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो गर्म तापमान में जाने से पहले अपनी सांस सामान्य होने तक रुकें। क्योंकि गहरी सांस लेते समय ठंडे वातावरण से गर्म वातावरण में अचानक जाने पर नुकसान हो सकता है। क्योंकि गर्म स्थान पर सांस लेने पर गर्म हवा के अनुकूल होने से फेफड़े और अधिक निर्जलित हो सकते हैं।
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हो सकती है ये परेशानी
सांस लेने में परेशानी, कफ में खून आना, दिल की धड़कन बढ़ना, त्वचा का ठंडा होना, सांस लेते समय घरघराहट या हांफना, थकान, बेचैनी, तनाव और पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन शामिल हैं।
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बचाव के लिए ये करें
- नाक से सांस लें और मुंह से सांस छोड़ें। क्योंकि नाक मुंह की तुलना में हवा को नम और गर्म करने में बेहतर काम करती है।
- नाक और मुंह के चारों ओर लपेटने के लिए स्की मास्क या स्कार्फ पहनें। ये वस्तुएं सांसों की कुछ गर्मी और नमी को फंसा सकती हैं।
- सुबह या शाम बाहर व्यायाम करने से बचें।
- ठंड के मौसम में व्यायाम के दौरान गहरी सांस लेने से अस्थमा, सीओपीडी या पुरानी फेफड़ों की स्थिति के लक्षण बढ़ सकते हैं।
- विटामिन सी रिच फूड्स खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, तनाव को नियंत्रित करें, पर्याप्त नींद लें और धूम्रपान न करें।
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