खंडग्रास चंद्रग्रहण कल: नहीं लगेगा सूतक, न मंदिरों के कपाट बंद होंगे न रुकेंगे पूजा-पाठ और अनुष्ठान
सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण का प्रभाव और सूतक वहीं पर होता है जहां पर यह ग्रहण दिखाई देते हैं। शुक्रवार को लगने वाला ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, कनाडा आदि में दिखाई देगा।
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19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। इस दिन खंडग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा। हालांकि इस ग्रहण का कोई अच्छा या बुरा प्रभाव चंडीगढ़ में नहीं पड़ेगा। देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सेक्टर- 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि 19 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के दिन यह चंद्र ग्रहण वृष राशि एवं कृतिका नक्षत्र में लगेगा। चंद्रग्रहण चंद्रोदय के समय भारत के पूर्वी राज्यों, जिसमें अरुणाचल प्रदेश व आसाम के क्षेत्रों में ग्रस्तोदय के रूप में बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा। शेष भारत वर्ष में यह ग्रहण बिल्कुल दिखाई नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण चंडीगढ़ में नहीं दिखाई देगा। इसलिए इस चंद्रग्रहण का कोई भी अच्छा या बुरा प्रभाव नहीं होगा। किसी प्रकार का सूतक भी नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के कपाट बंद नहीं होंगे। पूजा पाठ, अनुष्ठान आदि पहले के जैसे ही चलते रहेंगे।
चंडीगढ़ के सेक्टर- 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण का प्रभाव और सूतक वहीं पर होता है जहां पर यह ग्रहण दिखाई देते हैं। यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, कनाडा आदि में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगा और शाम चार बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा।