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चंडीगढ़ सेक्टर 25 में अब नहीं होगा इलेक्ट्रिकल फर्नेस से शवों का अंतिम संस्कार, बड़ा बदलाव

Tue, 16 Oct 2018 11:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 16 Oct 2018 11:48 AM IST
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LPG, CNG Base Cremation in Sector 25 Crematorium Chandigarh
cremation - फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ में सेक्टर 25 स्थित शमशान घाट में अब इलेक्ट्रिकल फर्नेस से शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बड़ा बदलाव करते हुए एक नई व्यवस्था की गई है। दरअसल, अब यहां शवों का संस्कार एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन फर्नेस से हुआ करेगा।। एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन फर्नेस की खासियत यह है कि इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा और शव का संस्कार एक घंटे में हो जाएगा। संस्कार करवाने वाले परिवार से मात्र 30 रुपये चार्ज किए जाएंगे, जबकि प्रति शव पर नगर निगम का 1500 रुपये करा खर्चा आएगा।
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इसे नगर निगम ही वहन कर रहा है। इस नए लगे फर्नेस पर नगर निगम का करीब 85 लाख रुपये का खर्चा आएगा। इसके लिए राशि सांसद निधि कोष से आई है। जून में इसके लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला था। इस समय कई बड़े शहरों में एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन लगे हुए हैं। हालांकि गुड़गांव में लोगों की रुचि और जागरूकता न होने के कारण यह सिस्टम फेल हो चुका है। इस नए सिस्टम में एक साथ दो शवों का संस्कार हो सकता है।
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18 किलो गैस लगेगी एक शव के संस्कार में
एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन फर्नेस में एक शव के संस्कार में 18 किलो गैस का प्रयोग होगा। बिजली विभाग के अनुसार डेढ़ घंटे में संस्कार होने के बाद अस्थियां मिल जाएंगी। इस समय जो खुले में पुराने रीति रिवाज के अनुसार संस्कार होता है उसमें अस्थियां दो दिन बाद मिलती हैं। नगर निगम ने इस फर्नेस के साथ 90 सिलेंडर लगाए हैं। प्रेशर बनाने के लिए इन सभी सिलेंडरों की गैस एक साथ इस्तेमाल होगी।
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शहर में दो हैं श्मशान घाट
इस समय शहर में दो श्मशान घाट हैं। एक सेक्टर-25 और दूसरा मनीमाजरा में। मनीमाजरा में पंचकूला के लोग भी अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। एक श्मशान घाट पर प्रतिदिन 8 से 10 शवों का संस्कार होता है। औद्योगिक क्षेत्र में बने श्मशान घाट में कोई भी संस्कार के लिए नहीं जाता है।

इलेक्ट्रिकल फर्नेस की मशीन कई साल से है खराब
इस समय सेक्टर-25 में दो इलेक्ट्रिकल फर्नेस लगे हैं जिनमें से एक कई साल से खराब है। दूसरे फर्नेस में दो दिन में एक शव का संस्कार ही होता रहा है। इलेक्ट्रिकल फर्नेस को शव का संस्कार से पहले दो घंटे पहले गरम करने के लिए जलाना पड़ता है और शव का संस्कार करने में तीन घंटे लगते हैं। इससे बिजली की काफी खपत होती है। नगर निगम का प्रतिमाह इस फर्नेस का ढाई लाख रुपये का बिजली का बिल आता है।

पहले लोगों को तैयार किया जाए इस नए फर्नेस के लिए : महाजन
पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन का कहना है कि गुड़गांव में सीएनजी फर्नेस फेल हो चुका है। वे मानते हैं कि इससे प्रदूषण कम होगा, लेकिन नगर निगम को चाहिए कि पहले लोगों को इसके लिए जागरूक करे। ऐसा न हो कि जो 86 लाख रुपये का नया फर्नेस लगाया जा रहा है, उसका कोई फायदा न मिले। सेक्टर-25 में जो इलेक्ट्रिकल फर्नेस लगा था वह भी ज्यादा कामयाब नहीं हुआ था। कहीं इस नए सिस्टम का हाल भी वैसा हो जाए।


सेक्टर-25 में शवों के संस्कार के लिए एलपीजी-सीएनजी बेस्ड क्रिमेशन फर्नेस लग चुका है। इससे प्रदूषण में कमी आएगी। एक घंटे में एक शव का संस्कार हो जाएगा।
- मनोज बंसल, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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